नवाबगंज/गोंडा। एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) की टीम ने मंगलवार को नवाबगंज और उमरीबेगमगंज में जांच अभियान चलाया। नवाबगंज की खोवा मंडी में एसडीएम तरबगंज विश्वामित्र सिंह की अगुवाई में जांच की गई। इस दौरान कई व्यापारी खोवा छोड़कर भाग गए। जो लोग मिले, उनके खोवा के नमूने लिए गए।
टीम ने उमरी के अकौनी पूरे दरौली बाजार में शिवचरन की मिठाई की दुकान पर छापा मारा। वहां जांच में 5,970 किलो छेना दूषित पाया गया। टीम ने मौके पर ही पूरा छेना नष्ट करा दिया। इसकी कीमत 7.76 लाख रुपये बताई गई। शिवचरन की दुकान से पनीर, दूध, छेना समेत पांच नमूने लिए गए।
नवाबगंज के कहरान मोहल्ला स्थित नगर पालिका की खोवा मंडी में एफएसडीए टीम पहुंची तो तमाम व्यापारी अपना खोवा छोड़कर भाग गए। नगर पालिका के कर्मचारी अमित श्रीवास्तव से एसडीएम ने खोवा मंडी के संचालन के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि इसका दो साल से कोई टेंडर नहीं हो पाया है। आउटसोर्सिंग के जरिए मंडी का संचालन कराया जा रहा है। एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए नियमानुसार काम करने तथा खोवा बेचने और खरीदने वालों का नाम लिखने की बात कही। मंडी में मिले तुलसीपुर माझा के मंशाराम, नयाबाजार निवासी अनिल गुप्ता, अयोध्या के दर्शननगर के टीपू सुल्तान खान व मोतीगंज के भृगु नंदन के खोवा का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।
इसके बाद टीम कस्बा स्थित कस्तूरी मिष्ठान भंडार पहुंची। दुकानदार ने बताया कि उनकी मिठाई का कारखाना दूसरी जगह पर है। टीम के कारखाना पहुंचने से पहले ही दुकानदार ने वहां से खोवा और सभी मिठाइयों को हटवा दिया। कारखाने में टीम को कुछ भी नहीं मिला। नगर में एफएसडीए टीम आने की सूचना पर मिठाई के सभी दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके चले गए। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. संजय सिंह, संतोष सिंह, अंकुर मिश्र व मनीष कुमार मल्ल शामिल रहे।