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550 शिक्षकों को मिलेगा बढ़े मूल्यांकन भत्ते का लाभ

Wed, 23 Sep 2015 11:53 PM IST
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
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सीबीएसई और यूपी बोर्ड परीक्षा के सभी पहलुओं को समान करना पड़ेगा अन्यथा कई समस्याओं के आने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। अमर उजाला टीम ने इस बाबत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों व शिक्षक संगठन के नेताओं से बातचीत की तो सभी ने अपनी प्रतिक्रिया कुछ इस प्रकार से व्यक्त की।
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गत वर्ष तीन लाख कॉपियों का हुआ मूल्यांकन
यूपी बोर्ड परीक्षा-2015 में विभिन्न जनपदों से भेजी गई हाई स्कूल व इंटर की करीब तीन लाख 10 हजार कॉपियों का मूल्यांकन कराया गया। हाई स्कूल में विभिन्न विषयों के एक लाख 80 हजार और इंटर में एक लाख 30 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया।

मूल्यांकन कार्य में शासकीय, अशासकीय व वित्तविहीन स्कूलों के 550 शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं को जांचा। मूल्यांकन के दौरान पारिश्रमिक बढ़ाने को लेकर तीन दिनों तक शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार किया। डीआईओएस के आश्वासन के बाद उत्तर पुस्तिकाएं जांची गईं।
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अभी भी फंसा है 11 लाख रुपये पारिश्रमिक
यूपी बोर्ड परीक्षा-2015 में कॉपियों के मूल्यांकन का पारिश्रमिक भुगतान अभी तक पूरा नहीं हो सका है। हाई स्कूल की प्रति कॉपी आठ रुपये और इंटर की प्रति कापी 10 रुपये के हिसाब से करीब 22 लाख रुपये का पारिश्रमिक भुगतान 550 शिक्षकों को किया जाना था। काफी प्रयास के बाद करीब 11 लाख रुपये का भुगतान शिक्षकों को किया गयाहै। इन शिक्षकों का अभी भी 11 लाख रुपये पारिश्रमिक फंसा हुआ है।

पूरे पैटर्न को पड़ेगा बदलना
यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन पैटर्न को बदलने से समस्या का निराकरण संभव हो सकेगा। सीबीएसई बोर्ड के कॉपियों का मूल्यांकन सभी विषयों का एक साथ नहीं होता है जबकि यूपी बोर्ड परीक्षा में एक केंद्र पर कई विषयों के कॉपियों का मूल्यांकन कराया जाता है।

सीबीएसई बोर्ड में केंद्र व्यवस्थापक व परीक्षक कॉपियों के मूल्यांकन में लगाए जाते हैं जबकि यूपी बोर्ड परीक्षा में उप नियंत्रक, डिप्टी हेड और परीक्षक तैनात किए जाते हैं। सीबीएसई बोर्ड के परीक्षक को 20 और यूपी बोर्ड के परीक्षक को 50 कॉपियों का एक दिन में मूल्यांकन करना होता है।

बोर्ड परीक्षा की फीस में भी काफी अंतर है। सीबीएसई बोर्ड एग्जाम के लिए 500 रुपये और यूपी बोर्ड एग्जाम के लिए 80 रुपये फीस ली जाती है। इन सभी पैटर्न को भी बदलने की जरूरत होगी अन्यथा व्यावहारिक दिक्कतें आ सकती हैं।

निर्णय का होगा स्वागत
माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को सीबीएसई बोर्ड की तरह कॉपियों के मूल्यांकन का पारिश्रमिक बढ़ाने का निर्णय स्वागत योग्य है। शासन स्तर से पारिश्रमिक का तत्काल भुगतान किए जाने की भी व्यवस्था होना जरूरी है। यूपी बोर्ड के परीक्षकों को कई-कई साल बाद कॉपियों के मूल्यांकन का पारिश्रमिक मिल पाता है जिसके चलते शिक्षकों में आक्रोश होना स्वाभाविक है।
-भगवती प्रसाद शुक्ल, जिला अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ बलरामपुर

दिशा-निर्देशों का होगा अनुपालन
सचिव के सभी दिशा-निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। कई वर्षों के बकाया पारिश्रमिक का शत-प्रतिशत भुगतान काफी प्रयास के बाद संभव हो सका है। यूपी बार्ड परीक्षा-2015 का आधा पारिश्रमिक भुगतान शिक्षकों का करा दिया गया है। बकाया पारिश्रमिक भुगतान के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है। आधे भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी होने की संभावना है।
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-मनमोहन शर्मा, डीआईओएस बलरामपुर
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