गोंडा। माघ पूार्णिमा पर सोमवार रात प्रयागराज के महाकुंभ भेजी गईं 55 बसों ने जिले के श्रद्धालुओं की मुसीबत बढ़ा दी। इनमें से सिर्फ तीन बसें ही बुधवार शाम प्रयागराज से करीब 200 यात्रियों को लेकर गोंडा पहुंचीं। हालात ऐसे थे कि मंगलवार रात से बुधवार शाम तक प्रयागराज जाने के लिए जिले से एक भी बस नहीं मिल रही थी। अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। जिले से अयोध्या की दूरी कम होने के कारण कोई निजी वाहन से तो कोई पैदल ही यह दूरी तय करता दिखा। बसों के न चलने के कारण निजी वाहन संचालकों ने मनमाना किराया वसूला।
जिले में परिवहन निगम के बेड़े में 109 बसें हैं। इसमें से 55 बसें माघ पूर्णिमा के लिए सोमवार रात प्रयागराज के लिए रवाना कर दी गईं। इनमें से सिर्फ तीन बसें ही बुधवार शाम को यात्रियों को लेकर वापस आ सकीं। इन बसों के महाकुंभ में फंसने के कारण बुधवार को प्रयागराज जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
गोंडा रोडवेज बस अड्डे पर प्रयागराज के लिए वाहन का इंतजार कर रहे पंतनगर के राम अभिलाख का कहना था कि एक भी बस नहीं है। प्राइवेट वाहनों के चालक सिर्फ अयोध्या तक ही ले जाने की बात कह रहे हैं। वह भी 150 रुपये किराया मांग रहे हैं।
पहले किराया 100 रुपये ही था। बलरामपुर से आए रोहन अयोध्या जाने के लिए बस की तलाश करते नजर आए। बताया गया कि अयोध्या के लिए कोई वाहन नहीं है। उन्हें अब ऑटो से जाना पड़ रहा है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अयोध्या से लेकर गोंडा तक कई जगहों पर पुलिस ने बैरियर बना रखे हैं। ऐसे में निजी वाहन भी बहुत कम चल रहे थे। इस कारण लोगों को समस्या हुई। हालांकि परिवहन निगम के अधिकारी कहते हैं कि जैसे ही बसें गोंडा आने लगेंगी, समस्या दूर हो जाएगी।
यातायात सामान्य होने में लगेंगे 24 घंटे
माघी पूर्णिमा पर महाकुंभ भेजी गईं 55 बसों में से बुधवार शाम तक एक दिन पहले चलीं तीन बसें ही श्रद्धालुओं को लेकर वापस गोंडा पहुंच सकी। इसके अलावा अन्य बसों को प्रयागराज में रोका गया है। प्रयागराज-अयोध्या रूट पर जाम का दबाव कम होने के बाद इन बसों को प्रयागराज में झूंसी, हाईटेक सिटी व सरस्वती गेट से रवाना किया जाएगा। ऐसे में यातायात सामान्य होने में अभी 24 घंटे लग सकते हैं।
मुश्किलों भरा रहा सफर
कटरा शिवदयालगंज में बहराइच के रामकुमार अपने परिजनों के साथ महाकुंभ जा रहे थे। रास्ते में रूट डायवर्जन होने की वजह से उनकी गाड़ी फंस गई। बताया कि गाड़ी पार्क करने के बाद प्लान बदल दिया। पैदल ही करीब चार किलोमीटर तक अयोध्या गए। वहां पर स्नान करने के साथ ही रामलला के दर्शन किए। हनुमानगढ़ी में पूजन किया। अब महाकुंभ जाने की तैयारी कर रहे हैं। कहा कि रूट डायवर्जन के कारण समस्या हुई। मल्लापुर के त्रिभुवन, अशोक, पंकज गांव के करीब 12 लोगों के साथ छह दिन पहले महाकुंभ गए थे। बताया कि दो दिन में पहुंच पाए। जाम की वजह से समस्या आई। गंगा मैया की आराधना की। तीन दिन से वापसी के सफर में हैं। मंगलवार रात अयोध्या पहुंचे तो रुक गए। बुधवार को अयोध्या में स्नान के बाद अब घर जा रहे हैं। एक घंटा हो गया है, अभी तक कोई साधन नहीं मिला है। बताया कि भीड़ है तो समस्या होगी ही।
ऑटो से घाट तक पहुंचाए गए श्रद्धालु
- नवाबगंज (गोंडा)। माघी पूर्णिमा पर अयोध्या में भीड़ के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं को रात पहुंचाने केे लिए कई प्रयास किए। गोंडा तथा गोरखपुर-बस्ती की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कटरा शिवदयालगंज से अयोध्या नए घाट जाने वाले रास्ते को खोल कर ई-रिक्शा व ऑटो को जाने की अनुमति दी गई। ऐसे में सरयू नदी में स्नान करने के लिए जाने वाले श्रद्धालु ऑटो से अयोध्या के नए घाट तक का सफर किया।
पुल के पास बनाया गया पार्किंग स्थल
-अयोध्या को नो व्हीकल जोन घोषित होने से बाहर से आए श्रद्धालुओं के चार पहिया वाहनों को पुल के पहले पार्किंग एरिया में रोक दिया गया। यहां से उन्हें ई रिक्शा व ऑटो से नए घाट तक जाने दिया गया। प्रभारी निरीक्षक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालु लगातार आ रहे हैं।
पैदल तय किया सफर
टिकरी (गोंडा)। कटरा शिवदयालगंज तिराहे से पुराने अयोध्या पुल मार्ग पर प्रयागराज से होकर अयोध्या जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। मध्य प्रदेश के रीवा से आए धर्मेंद्र ने बताया कि वह अपने गांव के मुखिया है। गांव से दो दर्जन से अधिक संख्या में लोगों को लेकर महाकुंभ में स्नान के बाद अयोध्या धाम आए हैं। व्यवस्था ठीक है पर पैदल चलना पड़ रहा है। बच्चे और वयोवृद्ध लोगों को दिक्कत होती है। राजस्थान उदयपुर से आई राजरानी देवी ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं आ पाई थी, आज श्रीराम का दर्शन करके जीवन धन्य हो गया।