गोंडा के थाना कटरा के सामने स्क्रीनिंग के लिए कतार में लगे मजदूर।
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करनैलगंज/कटरा बाजार(गोंडा)। मुंबई से एक डीसीएम पर चालक समेत 54 लोग गुरुवार को गोंडा जिले में आ गए। करनैलगंज नगर पार करने के बाद करनैलगंज से कटरा बाजार रोड पर उप जिलाधिकारी ज्ञान चंद्र गुप्ता ने मुंबई का डीसीएम देखकर उसे रोका तो डीसीएम में चालक के अलावा 53 लोग पाए गए। सभी की स्क्रीनिंग कराने के बाद उन्हें घर से न निकलने की हिदायद देकर घर भेज दिया गया है।
उप जिलाधिकारी करनैलगंज ज्ञानचन्द्र गुप्ता बताया कि वह कटरा बाजार से गुरूवार को करनैलगंज आ रहे थे। इसी बीच उन्हें सामने से एक डीसीएम आती दिखाई दी। जिसे रोका तो उसने चालक समेत 54 लोग सवार थे। पूछताछ करने पर सभी ने बताया कि वह मुंबई से आ रहे हैं। वे दो दिन पहले 24 मार्च को मुंबई से चले थे। जिसपर एसडीएम ने डीसीएम समेत सभी सभी को ले जाकर कटरा बाजार थाने के सामने रोका और पुलिस के सहयोग से सभी लोगों को नीचे उतरवाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व चिकित्सकों को मौके पर बुलाया गया।
एसडीएम ने बताया कि सभी लोगों को एक-एक मीटर की दूरी बनाकर खड़ा करके उनकी स्क्रीनिंग कराई गई। स्क्रीनिंग कराने के बाद सभी का नाम और पता नोट करा लिया गया है। सभी को 14 दिनों तक किसी भी व्यक्ति से न मिनले के साथ ही अपने घरों में रहने की हिदायद दी गई है। बताया कि संबंधित थानाध्यक्ष को इसकी सूची भेजी जाएगी और इनकी मॉनिटरिंग कराई जाएगी। बताया कि यदि कोई बाहर घूमता हुआ नजर आया तो सीधे जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सभी मजदूरी पेशा लोग हैं और मुंबई में रहकर मजदूरी करते थे। वहां से एक डीसीएम को बुक कराकर गोंडा पहुंचे हैं। इसमें अधिकांश खरगूपुर, इटियाथोक व कौड़िया के निवासी हैं।
दिल्ली से ठेलिया से सात दिन में गोंडा पहुंचा तुलसीराम
गोंडा का रहने वाला तुलसीराम दिल्ली में रहकर ठेलिया चलाकर रोजीरोजी कमाता था। लॉकडाउन के कारण वह 20 मार्च को दिल्ली से चलकर गोंडा आ गया। तुलसीराम ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर मजूदरी करता था। लॉकडाउन के कारण न रोजगार रहा और न ही खाने की व्यवस्था। इसलिए अपने घर पहुंचने के जज्बे ने उसे ठेलिया से गोंडा तक पहुंचा दिया।