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150 स्कूल में बाढ़-बारिश, 323 स्कूल जर्जर, कैसे हो पढ़ाई

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पानी ने ठप कराई 643 स्कूलों में पढ़ाई
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गोंडा। बारिश-बाढ़ और जलभराव से परिषदीय स्कूलों में दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बाढ़ से तो पहले से ही 70 परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित है। वहीं 150 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां जलभराव ऐसा है जैसे स्कूल मेें ही बाढ़ आ गई हो।

100 के करीब स्कूलों की राह ही आसान नहीं है। इसके अलावा 290 प्राइमरी व 33 जूनियर हाईस्कूल जर्जर घोषित हो गए हैं। यहां बारिश से भवन के गिरने की संभावना बढ़ गई है और बच्चों को इन स्कूलों में बैठाने से रोक दिया गया है। इससे पढ़ाई प्रभावित है।
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बारिश से स्कूलों में समस्या कई दिनों से बनी हुई है। इन स्कूलों के रोड ऊंचे होना से बारिश का पानी स्कूलों में भर गया है। इससे वहां बच्चों के बैठने तक की जगह नही है। अब वे पढ़ाई कहां करें।

इसके अलावा सैकड़ों स्कूल तो ऐसे हैं जहां के रास्ते कीचड़ से अब तालाब में तब्दील हो गए हैं। बाढ़ के अलावा 250 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जो बारिश के कारण जलभराव से समस्या ग्रस्त हैं। इसी तरह 323 स्कूलों के जर्जर होने से उन पर भी बारिश कहर बन कर टूट रही है। दो स्कूलों के ढहने से बच्चे और शिक्षक दोनो दहशत में हैं।

बेलसर के बड़नापुर स्कूल में बाढ़ जैसे हालात

बेलसर शिक्षा क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल बड़नापुर में बारिश से जलभराव ऐसा है कि बाढ़ जैसा सीन दिख रहा है। यहां तीन सौ से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन परिसर में तालाब जैसी स्थिति से बच्चे आने से कतरा रहे हैं। आ भी रहे हैं तो पढ़ाई प्रभावित है।

यहां के प्रधानाध्यापक अनूप सिंह कहते हैं कि अधिकारियों को सूचना दिया गया है। वैसे पढ़ाई के लिए जैसे तैसे कमरों में बच्चों को बिठाया जा रहा है। यहां जलभराव की स्थिति ऐसी है कि बच्चों की रखवाली भी शिक्षकों को करना पड़ रहा है।

उच्च प्राथमिक स्कूल तुलसीपुर कोडरी की राह आसान नहीं

पंडरी कृपाल के उच्च प्राथमिक स्कूल तुलसीपुर कोडरी तक जाने की राह आसान नहीं है। कच्चा रास्ता होने के कारण बारिश से रास्ता कीचड़ में तब्दील हैं। कई बच्चे इस रास्ते पर फिसल कर गिर रहे हैं।

शिक्षकों को भी यहां बहुत सावधानी से गुजरना पड़ता है। पूरा रास्ता जलभराव के कारण ऐसा हो गया है कि स्कूल तक पहुंचने की हिम्मत अच्छे-अच्छे नहीं उठा पा रहे है। करीब 500 मीटर की राह बहुत की कठिन है।

प्राइमरी स्कूल नकहरा बाढ़ से घिरा, स्कूल बंद

करनैलगंज का प्राइमरी स्कूल नकहरा पूरी तरह बाढ़ के चपेट में आ गया है। यहां पढाई भी बंद कर दिया गया है और स्कूल को गौरा सिंघनापुर में शिफ्ट किया गया है। बाढ़ से घिरे इस स्कूल में करीब 219 बच्चे पंजीकृत हैं और अब वे गौरा में भेजे जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि इसके साथ ही उच्च प्राथमिक स्कूल तीर्थरामपुरवा भी बाढ से घिर गया है। अब इन स्कूलों तक जाने का कोई भी रास्ता नही है।

प्राइमरी स्कूल कलंदर तक जाने से कतराते हैं बच्चे

शहर से सटा होने के बावजूद झंझरी का प्राइमरी स्कूल कलंदरपुर भी बारिश से प्रभावित है। यहां तक जाने वाला रास्ता गड्ढों मे तब्दील हो चुका है। बच्चे रास्ते से होकर गुजरते हैं तो उनकी सांसे थमी रहती है। पूरे गांव के लोग भी कीचड़ में तब्दील हो चुके रास्ते से परेशान हैं। इसके अलावा कई स्कूल ऐसे हैं जो बारिश से प्रभावित हैं।

बाढ़ से प्रभावित स्कूलों को सुरक्षित स्थान वाले स्कूल में संचालित करने का निर्देश दिया गया है। जलभराव वाले स्कूलों में सर्तकता बरती जा रही है। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि सावधानी बरते हैं।
-रमाकांत वर्मा, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी


बाढ़ और बारिश से समस्या तो हैं लेकिन पूरी सर्तकता बरती जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिक्षण कार्य को बेहतर बनाए रखें और सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
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-अशोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी

बीएसए को स्कूलों की स्थिति पर नजर रखने और व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायतों से स्कूलों के रास्तों को दुरुस्त कराया जाएगा और बाढ़ से प्रभावित स्कूलों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कराकर पढाई कराई जा रही है।
-कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
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