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घाघरा ने करनैलगंज क्षेत्र में शुरू की तबाही

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खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंची नदी
छतों व ऊंचे स्थानों पर दिन रात गुजारने पर मजबूर हुए लोग
17 ग्राम पंचायतों के 132 मजरों में जल प्रलय की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। करनैलगंज क्षेत्र में घाघरा ने जमकर तबाही शुरू कर दी है। अभी तक घटते व बढ़ते जलस्तर से लोग किसी तरह समय काट रहे थे लेकिन रविवार को घाघरा की तबाही का मंजर गांवों में दिखा जहां लोगों के घरों में कमर तक पानी भर गया। बच्चे, बूढ़े पानी में तैर रहे तखत व चारपाई पर समय काटने को विवश हैं। कुछ बच्चे व परिवार घर की छत व छप्पर के ऊपर बैठे नजर आए। रविवार को प्रभावित गांवों (मजरों) की संख्या 224 हो गई लगातार बढ़े जलस्तर ने पिछले 7 वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया और खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर हो गई। 24 घंटे के भीतर सात ग्राम पंचायतों के 28 नये मजरे बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गये। 17 ग्राम पंचायतों के 132 मजरों में जल प्रलय की स्थिति बनी हुई है।
रविवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 को काफी पीछे छोड़ कर 107.016 पर पहुंच गई जो कमोवेश खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर हो गई। करनैलगंज तहसील क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित ग्राम पंचायतों की संख्या अब 26 हो गई है। जिसमें नकहरा, काशीपुर, प्रतापपुर, घरकुंइया, पूरे अंगद, भटपुरवा, दिवली, गौरासिंगपुर, बहुवन मदार मांझा, शिवगढ, अतरसुइया, मोहम्मदपुर गडवार, मांझा रायपुर, रेक्सडिय़ा नन्दौर, चरसडी, रेक्सडिय़ा, पूरे अजब, शाहपुर, चन्द्रभानपुर एवं चन्दापुर किटौली, रमवापुर, पसका शामिल हैं। ग्रामीणों का पूरी तरह से पलायन हो चुका है और घाघरा कटान की जद में अब सीधे गांव आ गए हैं।
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इनसेट
पलायन करने को मजबूर हुए काशीपुर व नकहरा के वासी
नदी के बगल बसा गांव नकहरा डीहा के 16 मजरे पूरी तरह से बाढ़ में समाहित हो चुके हैं। यहां अपने बच्चों को लेकर एक महिला छप्पर पर चढ़कर बैठी रही। पूरे गांव व आसपास के इलाकों में पानी भर चुका है। घरों में पानी भरने से लोग तखत व ऊंचे स्थान पर शरण लिए हैं। काशी पुर ग्राम पंचायत पूरी तरह से नदी से घिर चुका है। यहां के लोग अपने मवेशी व कुछ खास सामानों को लेकर बाढ़ राहत केंद्र गौरा सिंह पुर की ओर पलायन करते मिले।
इनसेट-
131 नावें लगाई गईं
तहसीलदार रमेश बाबू ने बताया कि नदी का जल स्तर स्थिर है। फिर भी लगातार माझा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के मजरे प्रभावित हो रहे हैं। जिनमें 131 नावें लगाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नाव और मंगाई गई है। जहां भी आवश्यकता वहां नाव लगाई जायेगी। लगातार पानी बढने से दिक्कतें आ रही हैं।
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इनसेट-
एनडीआरएफ व पीएसी से संभाला कार्य
एसडीएम अर्चना वर्मा ने बताया कि अब तक बाढ़ से करीब 35 हजार आबादी प्रभावित है। रविवार को घाघरा में करीब 2 लाख 30 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। क्षेत्र में पानी बढने की सूचनाएं आ रही हैं। एनडीआरएफ व पीएसी के जवानों को रेस्क्यू में लगाया गया है। जहां पानी अधिक हो रहा है वहंा से लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाने की भी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही रविवार की शाम से लंच पैकेट का भी वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
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