यहां किसी की नहीं मजाल जो काट ले हमारे बाल
-चोटी कटने की अफवाहों पर बेबाक राय: उन्हें नहीं है किसी का डर
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। महिलाओं एवं लड़कियों की चोटी कटने की अफवाह ने भले ही नोयडा, दिल्ली, रायबरेली सहित कई स्थानों पर डर का माहौल पैदा कर रखा है लेकिन यहां की महिलाओं व लड़कियों में इसका नाममात्र भी भय नहीं है। अफवाह की पड़ताल पर तमाम महिलाओं ने एक सुर में कहा कि यह मात्र अफवाह है, उन्हें किसी का डर नही है जबकि लड़कियों ने कहा कि किसी में औकात हो तो वह चोटी व उसके बाल काट कर दिखाए।
अफवाहों से नहीं डरती
पथवलिया निवासी दिव्यांशी दूबे का कहना है कि चोटी काटने की अफवाह ने एक दो दिन उन लोगों को हैरत में डाल दिया था लेकिन घटना का राजफाश हो गया,अब अफवाह उड़ाकर दहशत पैदा किया जा रहा है लेकिन महिलाएं व लड़कियां इससे डरने वाली नहीं है। कोई उनके बाल काटेगा तो वह उसका गला काट लेगी।
कमजोर दिखाने की साजिश
लाल बहादुर शास्त्री की छात्रा रिया का कहना है कि चोटी काटने की घटना महज अफवाह है, यहां इसका नाम मात्र भी असर नहीं है। यह लड़कियों को कमजोर दिखाने की साजिश है जिससे घर से न निकलें, स्कूल न जाएं लेकिन यहां की महिलाएं व लड़कियां इस साजिश का मुहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।
डरने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्टाफ नर्स सपना शुक्ला का कहना है कि आज के युग में लड़कियां कमजोर नही है लेकिन कुछ शरारती तत्व अफवाह उड़ाकर मनोबल गिराना चाह रहे हैं लेकिन लड़कियां इससे डरने व पीछे हटने वाली नहीं है। उनका सिद्धांत है कि लड़की हो या लड़का, सबको ईश्वर ने बनाया है फिर डरने की क्या बात। यदि कोई महिला या पुरुष जो भी उनके बाल काटेगा तो वह उसे भी सही सलामत नहीं जाने देंगी।
अफवाह फैलाने वालों पर हो कार्रवाई
चोटी काटने की अफवाह जानबूझकर कुछ शरारती तत्व फैला रहे हैं जिससे शासन- प्रशासन बदनाम हो, साथ ही लड़कियों व महिलाओं के आने जाने पर पाबंदी लग सके। सरकार को चाहिए कि इस तरह का अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई करे।
इनसेट
उड़ाई अफवाह तो होगी कार्रवाई
यह महज अफवाह है, जिसका जिले में नाम मात्र भी असर नहीं है लेकिन फिर भी सतर्कता बरती जा रही है। इस तरह की अफवाह को जो लोग भी फैलाएंगे, उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी
पुलिस अधीक्षक उमेशकुमार सिंह