अवैध कब्जा मिलने पर भड़की
सीडीओ ने बीडीओ को फटकारा, दो दिन में खाली कराने का दिया निर्देश
रुपईडीह (गोंडा)। रूपईडीह ब्लॉक में स्वयं सहायता समूहाें को आवंटित करने के लिए बनी 15 दुुकानों पर अवैध कब्जा मिलने पर सीडीओ भड़क गई। इन दुकानों पर पिछले दस वर्षों से लोगों ने बगैर आवंटन के ही कब्जा कर रखा है। निरीक्षण करने पहुंची सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए बीडीओ को दो दिन में सभी अवैध कब्जेदारों को हटाने के निर्देश दिए हैं। ब्लॉक के अधूरे अभिलेखों व अन्य खामियों पर बीडीओ को फटकार लगाते हुए रखरखाव ठीक रखने के निर्देश दिए हैं। देर से कार्यालय पहुंचने वाले तीन कर्मचारियों से जवाब तलब किया है।
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 10 साल पहले स्वयं सहायता समूहाें को रोजगार के लिए प्लेटफार्म मुहैया कराने के उद्देश्य से रुपईडीह ब्लॉक के मेन गेट पर 15 दुकानों का निर्माण कराया गया था। इन दुकानों को स्वरोजगार करने के इच्छुक स्वयं सहायता समूहों को किराये पर आवंटित किया जाना था लेकिन अफसरों की लापरवाही से इनका आवंटन नहीं किया जा सका था। कुुछ ही दिन बाद इन दुकानों पर बगैर आवंटन के ही बाहरी लोगों ने कब्जा जमा लिया और दुकानें खोल ली। इन दस वर्षों में न तो ब्लॉक प्रशासन इन दुकानों का आवंटन कर सका और न ही इसे कब्जेदारों से मुक्त करा सका। बुधवार को ब्लॉक के औचक निरीक्षण पर पहुंची मुख्य विकास विकास अधिकारी दिव्या मित्तल की नजर इन दुकानाें पर पड़ी तो उन्हाेंने इसकी छानबीन की। इस छानबीन में इन दुकानों पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ।
निरीक्षण में ब्लॉक के लिपिक रामशंकर जायसवाल, हरिश्याम सोनी व हरीराम देर से कार्यालय पहुंचे। इस पर सीडीओ ने तीनों कर्मचारियों से जवाब तलब किया है। सीडीओ ने ब्लॉक परिसर में बने बाल विकास परियोजना कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव कक्ष का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में सीडीओ के साथ पीडी वीरपाल, डभ्सी मनरेगा अशोक कुमार मौर्य, बीडीओ गयाप्रसाद सिंह व एडीओ पंचायत रामशंकर वर्मा व चौकी प्रभारी आर्यनगर गौरव सिंह मौजूद रहे।