फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत चुनाव में 50 हजार दावेदारों को मिली राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। पंचायत चुनाव 2021 में ताल ठोकने की तैयारी कर रहे करीब 50 हजार दावेदारों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार नामांकन के दौरान प्रत्याशियों से जमा कराई जाने वाली जमानत राशि को नहीं बढ़ाया है।
विज्ञापन

यही नहीं चुनावी खर्च की सीमा भी नहीं बढ़ाया है। पिछले चुनाव के बराबर ही इसे रखा गया है। इस तरह से निर्धारित सीमा के भीतर ही प्रत्याशी खर्च कर पंचायत चुनाव लड़ेंगे। जमानत राशि न बढ़ाए जाने से प्रत्याशियों को आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आगामी पंचायत चुनाव को लेकर जमानत व खर्च की सीमा का निर्धारण कर दिया गया है। सदस्य ग्राम पंचायत 500 रुपये, क्षेत्र पंचायत दो हजार रुपये, जिला पंचायत चार हजार रुपये व प्रधान पद के लिए दो हजार रुपये जमानत धनराशि ही इस बार भी जमा करनी होगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग व महिला प्रत्याशी को जमानत धनराशि निर्धारित की आधी ही जमा करनी होगी।
विज्ञापन

इसी तरह चुनाव में होने वाले खर्च की सीमा भी तय की गई है, जिसमें सदस्य ग्राम पंचायत 10 हजार, क्षेत्र पंचायत 75 हजार, जिला पंचायत डेढ़ लाख व प्रधान पद के प्रत्याशी 75 हजार रुपये चुनाव के दौरान खर्च करेंगे। नामांकन के बाद से प्रत्याशी का खर्च जोड़ा जाएगा।
आयोग की ओर से जारी निर्देशों के तहत नामांकन से लेकर मतगणना परिणाम घोषित होने तक निर्वाचन व्यय का लेखा-जोखा प्रत्याशी को तैयार रखना होगा। परिणाम घोषित होने के तीन माह के भीतर खर्च का ब्योरा प्रत्याशी प्रस्तुत करेंगे।
वर्ष 2015 में भी जमानत राशि यही थी और चुनावी खर्च की सीमा भी यही थी। वर्ष 2015 में 41 हजार प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। इस बार 50 हजार से अधिक प्रत्याशी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। जमानत राशि बढ़ोत्तरी न होने से राहत मिली है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार अधिक लोग चुनाव लड़ सकेंगे। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य बीडीसी, वार्ड मेंम्बर, जिला पंचायत सदस्य के लिए बैलेट पेपर में चिन्हों की संख्या बढ़ाई गई है।
एक वार्ड से सदस्य के लिए 18 पर्चा भरे जा सकेंगे। वहीं बीडीसी के लिये 36 पर्चा, ग्राम प्रधान के लिए 57 और जिला पंचायत सदस्य के लिए 53 लोग पर्चा भर सकेंगे। अधिकारियों से मिल रही जानकारी के अनुसार पिछले चुनावों में यह संख्या 45 से 47 रहती थी, लेकिन इस बार इसे बढ़ाया गया है।
पहले प्रत्याशी अधिक होने के कारण कई लोग चुनाव लड़ने से वंचित रह जाते थे। अब लोगों का चुनाव लड़ने का मौका खाली न जाएगा। पंचायत चुनाव में प्रयोग के लिए बैलेट पेपर आ गए हैं। एक करोड़ 6 लाख के करीब बैलेट पेपर को सुरक्षित रखा गया है।
जिसमें सदस्य ग्राम पंचायत के लिए 27.11 लाख मतपत्र। ये मतपत्र 4, 6, 9, 12 व 18 चिह्न के होंगे। प्रधान पद के लिए 27.05 लाख मतपत्र आवंटित हुए हैं। इनमें 4,6,9,12,18,27, 36, 53 चिह्न रहेंगे। बीडीसी के लिए भी 27.09 लाख मतपत्र का आवंटन हुआ है। ये मतपत्र भी चार से लेकर 36 चुनाव चिन्ह वाला होगा, जबकि सदस्य जिला पंचायत पद के लिए 26.99 लाख मतपत्र का उपयोग होगा। इनमें 4, 6, 9, 12, 18, 27, 36, 45, 47, 57 चुनाव चिह्न रहेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। अब लोगों को आरक्षण सूची का इंतजार है। इस समय अधिकांश जिलों में प्रशासनिक स्तर पर आरक्षण सूची का काम चल रहा है। अभी आरक्षण की नीति नहीं आई है, नीति के जारी होते ही आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई।
जानकारों के अनुसार वर्तमान में जिस वर्ग के लिए सीट आरक्षित है, वह आगामी चुनाव में उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहेगी। आरक्षण वरीयता क्रम में एसटी की कुल आरक्षित सीटों में से एक तिहाई एसटी महिला के लिए आरक्षित होंगी। बाकी में महिला या पुरुष दोनों रहेंगे। इसी तरह एससी की 21 प्रतिशत आरक्षित सीटों में एक तिहाई सीटें इस वर्ग की महिला और बाकी बची सीटें इसी वर्ग के महिला या पुरुष दोनों के लिए होंगी।
ओबीसी की 27 फीसदी सीटों में तिहाई सीटें इस वर्ग की महिला के लिए आरक्षित की जाएंगी। बाकी इस वर्ग की महिला या पुरुष दोनों के लिए अनारक्षित रहेंगीं। कुल की 50 प्रतिशत सीटें अनारक्षित होंगी, मगर उनमें एक तिहाई सीटें सामान्य जाति की महिला प्रत्याशियों के लिए आरक्षित रहेंगी।
पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण अवरोही क्रम में लागू होने की उम्मीद है। पंचायतों में आरक्षण लागू करने के लिए राजस्व ग्रामों की जनसंख्या का आकलन हो रहा है। पांच साल पहले चुनाव के समय ग्राम पंचायत की क्या स्थिति थी, वर्तमान में क्या स्थिति है, उसी आधार पर तय होगा कि उस ग्राम पंचायत की सीट किस प्रत्याशी के लिए आरक्षित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें