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5.63 लाख कार्ड धारकों को नहीं मिलेगी चीनी

Sat, 25 Mar 2017 11:27 PM IST
amarujala
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चीनी की बढ़ी कीमतें - फोटो : self
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 सरकार ने राशन कार्ड धारकों को वितरण की जाने वाली चीनी पर सब्सिडी बन्द कर दी है। सब्सिडी बंद होने से जिले के करीब 5.63 लाख से अधिक  कार्डधारकों के सामने अब चीनी नहीं मिलेगी। कार्ड धारकों को अगले महीने से बाजार रेट पर चीनी खरीदनी पड़ेगी।
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मंहगी चीनी खरीदने से कार्ड धारकों के हर माह का पहले से चलने वाला  बजट गड़बड़ा जाएगा। अप्रैल माह से शासन की ओर से चीनी पर सब्सिडी बंद कर दिये जाने से हर माह कार्डधारक उपभोक्ताओं के जेब पर 20 से 40 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

बताया जाता है कि सरकार धीरे धीरे राशन की सब्सिडी को अलग अलग कंपनियों व संस्थाओं को देने के बजाए सीधे उपभोक्ताओं के खाते में देने पर विचार कर रही है। सरकार की ओर से सभी राशन कार्ड धारकों के आधार कार्ड व बैंक खाता नंबर फीड कराया जा रहा है।
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सरकार का चीनी पर सब्सिडी बन्द करने का  फैसला उसी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। लाख प्रयास के बाद भी राशन की बढ़ती कालाबाजारी पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए सरकार सब्सिडी की चोरी करने वालों को दरकिनार कर लाभार्थियों को सीधे फायदा पहुंचाने पर काम शुरू कर दिया है। इस बावत शासन की ओर से विभागीय अधिकारियों को सिस्टम में सुधार लाने के कड़े निर्देश जारी किये गये हैं।       
   
शासन ने सिर्फ चीनी पर सब्सिडी बन्द की है। अन्य राशन गेहूं,चावल और मिट्टी तेल कार्डधारक उपभोक्ताओं को पहले की तरह मिलता रहेगा। इसके लिए अप्रैल माह के लिए सभी उचित दर विक्रेताओं को अपने लक्ष्य के मुताविक राशन का पैसा अग्रिम रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट (आरटीजीएस)प्रक्रिया से जमा करना होगा। इसके बाद ही उन्हें वितरण के लिए खाद्य रसद विभाग खाद्यान्न की आपूत कर सकेगा।       
      
 बदले निजाम के तहत शासन ने भी राशन वितरण में नियमों के कड़ाई से पालन करने के लिए आदेश जारी किया है। सभी जिला व विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है ।  राशन की वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता  लाने के लिए सभी ब्लॉकवार गोदामों व उचित दर विक्रेताओं की दुकान पर राशन के आवंटन लक्ष्य,मौजूदा स्टाक व बिक्री का रेट बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। लेकिन जिले में न तो इस का पहले से पालन हो रहा था न विभागीय अधिकारी आज भी इसका पालन करा रहे हैं।       
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