गोंडा। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसमें प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले 768 बच्चों में से 485 को दाखिला मिला है। 163 बच्चों के आवेदन खामियों के कारण सत्यापन बाद रिजेक्ट हो गए। अधिनियम के तहत प्रत्येक कांवेंट स्कूल को अपनी यहां की पूर्व प्राथमिक कक्षा एक की 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क दाखिला देना होता है।
शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी की अगुवाई में दूसरे चरण के आवेदन पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी कराई गई। ऐसे में कुल 485 बच्चों को निजी विद्यालयों में सीटें मिल सकीं हैं। जबकि 120 बच्चों को उनकी मांग के अनुसार विद्यालय में रिक्त सीट न होने से आवंटन नहीं हो सका है। जिले में आरटीई के तहत कुल 884 विद्यालयों में बच्चों को प्रवेश दिया जाना है। पहली लॉटरी में कुल 236 आवेदन मिले थे। जिसमें से 199 बच्चों को सीटें आवंटित की जा चुकी है। इनके प्रवेश के लिए जरूरी प्रक्रिया चल रही है।
एक फरवरी से तीसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया
आरटीई प्रवेश के लिए जिला प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि एक फरवरी से तीसरे चरण के आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं, 19 फरवरी तक आवेदन लिए जाएंगे। इसके साथ ही 24 फरवरी को लॉटरी कराई जाएगी। वहीं, तृतीय लॉटरी के छात्रों को 27 जनवरी से विद्यालयों प्रवेश दिया जा सकेगा।
एक लाख से कम आय वर्ग के परिवारों को ही लाभ
आरटीई तहत एक लाख रुपये या उससे कम आय वर्ग के अभिभावकों के बच्चों को ही मुफ्त प्रवेश दिया जाता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अभिभावक वरीयता क्रम में अपने आस पास के विद्यालय का विकल्प ही भर सकते हैं।