गोंडा। यूपी बोर्ड के 483 माध्यमिक स्कूलों में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट 2021 की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 5 फरवरी से 10 फरवरी के बीच शुरू हो सकती हैं। हाईस्कूल में आंतरिक मूल्यांकन लागू होने के बाद अब बोर्ड को इंटरमीडिएट के लिए ही परीक्षक नियुक्त कर होंगे।
इसके साथ ही प्रयोगात्मक परीक्षाओं को समय से कराना है। महीने भर चलने वाली प्रयोगात्मक परीक्षाओं के मार्च के दूसरे सप्ताह तक पूरी होने की संभावना है। कोरोना संक्रमण के चलते बोर्ड ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि आगे बढ़ाया है। माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों का कहना है कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कोर्स भी कम किया गया है।
हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की 2021 की परीक्षा में इस बार 83721 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इसमें हाईस्कूल में 47398 एवं इंटरमीडिएट में 37323 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। अब फरवरी में 10 तारीख तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इससे पूर्व में प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 दिसंबर से शुरू होकर जनवरी तक पूरी होती थीं।
अभी विद्यालयों के बंद रहने से अभ्यास प्रैक्टिकल पूरे नहीं हो पाए हैं। अब स्कूलों को एक पाली में खोलने का आदेश हुआ है और अब प्रयोगात्मक कार्य फरवरी में कराने की तैयारी है।
यूपी बोर्ड शासन की अनुमति के बाद पंचायत चुनाव के बाद अप्रैल-मई में बोर्ड परीक्षा कराने की घोषणा कर सकता है। यूपी बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में अभी तक कोर्स पूरा नहीं हुआ है। विद्यालय भले ही प्री-बोर्ड परीक्षाएं करा रहे हैं, अभी उनके यहां कोर्स अधूरा है। स्कूलों के खुलने से अधूरे कोर्स को भी पूरा कराए जाने पर जोर है।
कोरोना वायरस और कंपकंपाती सर्दी को देखते स्कूलों का समय बदला है। कक्षा नौ से 12 तक कक्षाओं को अब नए समय पर संचालित करने का आदेश सरकार ने सोमवार देर शाम को जारी किया है। स्कूल अब एक पाली में भी चलाए जा सकेंगे। यह आदेश सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा।
कक्षा नौ से 12 तक के लिए स्कूल 10 से 3 बजे तक खोले जा सकेंगे। इससे पहले अक्तूबर 2020 में कक्षा नौ से 12 तक के लिए कक्षाएं दो पालियों में चलाने के आदेश जारी किए गए थे। अभी कक्षा एक से आठ तक के स्कूल नहीं खोले गए हैं।