बलरामपुर।शिक्षा विभाग में आए दिन खेल निराले देखने को मिलते हैं। इस बार तो बच्चे दाखिले के बाद गायब हो गए। 44 हजार 564 बच्चे न तो परिषदीय स्कूल आए और न ही इनकी कोई जानकारी विभाग को मिल रही है। केंद्र सरकार के यू डायस पोर्टल पर बच्चों का डाटा अपडेट न होने की रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग के अफसर सकते में हैं। माना जा रहा है कि स्कूलों में बच्चों के फर्जी प्रवेश हुए हैं। इसे लेकर बीएसए ने शिक्षकों को अंतिम बार बच्चों का डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। चिन्हित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
सरकार के यू-डायस पोर्टल पर विद्यार्थियों का डाटा अपलोड और अपडेट किया जाता है। पिछले सत्र में परिषदीय विद्यालयाें में 2,35,711 विद्यार्थियों का पंजीकरण किया गया था। लेकिन इस वर्ष सिर्फ 1,91,483 विद्यार्थियों का डाटा ही पोर्टल अपडेट किया गया है।
पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक 44564 विद्यार्थी ऐसे सामने आए हैं जिन्होंने पिछले साल परिषदीय स्कूलों में प्रवेश तो लिया, लेकिन स्कूल में पढ़ने नहीं गए। साथ ही इस बार भी इन बच्चों का नाम तो स्कूल की सूची में है, लेकिन यह स्कूल नहीं आ रहे हैं। इन बच्चों को कोई डाटा अपडेट नहीं हैं।
बीएसए कार्यालय से कई बार शिक्षकों को ऐसे बच्चों का डाटा अपडेट करने के लिए कहा गया, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि ये बच्चे गांव में ही नहीं हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इन बच्चों को स्कूल में फर्जी प्रवेश दिलाया गया है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम होने के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इसे लेकर बीएसए कल्पना देवी ने आदेश जारी किया है कि जल्द से जल्द 44564 विद्यार्थियों का डाटा अपडेट किया जाए।
प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब
बीएसए बलरामपुर कल्पना देवी के अनुसार जिले के नगर सहित 9 विकास खंडों में 50 से ज्यादा नामांकन में गिरावट वाले स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब न देने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।