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फिर उफनाई घाघरा की बाढ़ से घिरे 62 गांव ं

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बाढ़ में संपर्क मार्ग भी डूबे, आवागमन ठप
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फिर उफनाई घाघरा के पानी में घिरे 62 गांव

अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। बुधवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 15 सेंटीमीटर ऊपर हो गया। घाघरा की बाढ़ से गोंडा व बाराबंकी जिलों के करीब 62 गांव में पानी भर गया है और नकहरा को जाने वाली पक्की सड़क पर तेजी से पानी बहने लगा है। नकहरा गांव से बांध तक जाने वाले रास्ते को भी घाघरा ने काटना शुरू कर दिया है। करनैलगंज के करीब 28 और बाराबंकी जिले के 34 गांव पानी से पूरी तरह घिर गये हैं। गांवों में जलभराव के चलते आवागमन बंद हो गया है।
लगातार नदी के बढ़ रहे जलस्तर की वजह से मंगलवार व बुधवार के बीच मांझा क्षेत्र के मजरों में फिर से फैल चुका है। जिससे करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम नकहरा, काशीपुर, बहुवन मदार मांझा, बाबा मांझा, घरकुंइयां, शिवगढ़, पूरे अंगद, प्रतापपुर के करीब 28 मजरे पानी से पूरी तरह से घिरे हुए हैं। जिसमें से करीब 9 मजरे ऐसे हैं जहां पानी भरा हुआ है। बाराबंकी जिले की पांच ग्राम पंचायतों कमियार, परसावल, रायपुर, बेहटा, नैपुरा के करीब 34 मजरों में भी लगातार पानी बढ़ रहा है। ग्राम नकहरा के मजरा खालेपुरवा, राधे पुरवा, ग्राम काशीपुर के सीताराम पुरवा, पेंड़ा पुरवा, हनोमान पुरवा, रामसिंह पुरवा, हरिपाल पुरवा, गौहट्टा, जानकी पुरवा, ग्राम घरकुइंया के चार मजरे नऊवनपुरवा, गोड़ियन पुरवा, अनुसूचित पुरवा, ग्राम पूरे अंगद के दस मजरे गोपीपुरवा, कोरिन पुरवा, ठाकुर पुरवा, सुहावन पुरवा, कबीर पुरवा, भाईराम पुरवा, केवटन पुरवा एवं मल्लहन पुरवा प्रभावित हो चुुके हैं। तहसीलदार रमेश बाबू ने बताया कि पूर्व में प्रभावित हो चुके मजरों के आस पास पहले से ही पानी भरा था। नदी का जल स्तर बढ़ते ही बाढ़ का पानी पुन: उन मजरों तक पहुंचने लगा है। लेखपालों को लगाया गया है। प्रभावित मजरों में जो भी अवश्यकता होगी पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि राशन किट भी मंगवाई जाएगी तथा अन्य व्यवस्थायें भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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इनसेट
बांध में 60 मीटर तक आई दरार
वहीं बुधवार को करीब 60 मीटर दूरी में बांध में दरार आ गई। जिसे कटान से रोंकने के लिए तमाम प्रयास तेज कर दिए गये मगर कटान के आगे सारे प्रयास बेकार साबित हो रहे हैं। बांध का करीब 20 मीटर हिस्सा कटकर नदी में चला गया। वहीं रिंगबाध लगभग समाप्ति की ओर है। कट-टू में भी तेज कटान होने लगी है। प्रशासन बांध में कटान को रोकने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। कट-वन से पश्चिम तरफ ग्राम बेहटा के मजरा चरुपुरवा के आस पास करीब दो किलोमीटर के दायरे में नदी ने खेतों को काटना शुरू कर दिया है। खेत को काटती हुई आगे बढ़ती जा रही है। कट-टू से उत्तर तरफ ग्राम काशीपुर एवं नकहरा, प्रतापपुर के सामने की खेती योग्य भूमि भी नदी कटान करके रिंग बांध व कृषि योग्य भूमि को निशाना बना रही है।
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