तरबगंज/उमरीबेगमगंज/विशनोहरपुर। सरयू नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने के साथ माझा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति फिर गंभीर हो गई है। रविवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.360 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 29 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ाव की ओर होने से तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
तरबगंज तहसील क्षेत्र के ऐली-परसौली, गढ़ी, जबरनगर, परास पट्टी मझवार और पुरवार समेत पांच गांवों के 41 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। तहसील प्रशासन के अनुसार इन क्षेत्रों के 10,242 लोग प्रभावित हैं। कई स्थानों पर पानी घरों तक पहुंच गया है। लोग गृहस्थी का सामान ट्रॉलियों पर लादकर सुरक्षित स्थानों और रिश्तेदारों के घर जाने को मजबूर हैं।
ऐली-परसौली समेत कई गांवों में सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। खेतों में बची धान की फसल दोबारा जलमग्न हो गई है। खेतों में नमी बढ़ने से कई जगह गन्ने की फसल भी गिरने लगी है। पशुओं के लिए भूसा और चारे का संकट भी गहराता जा रहा है।
दत्तनगर के घरुकन पुरवा, टाड़ी और पाड़ी में संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है। ब्योंदा माझा के सभी मजरों में पानी फिर पहुंच गया है। चूल्हे जलाना तक मुश्किल हो गया है। 80 वर्षीय धनपता देवी ने बताया कि गैस सिलिंडर भराने के लिए पैसे नहीं हैं और सूखी लकड़ी भी खत्म हो चुकी है।
दत्तनगर के बाड़ी माझा में पानी राम सजीवन के घर के किनारे तक पहुंच गया है। यहां छह परिवार अभी भी अपने घरों में टिके हैं, लेकिन कटान के डर से रात जागकर गुजार रहे हैं। श्रीचंद ने बताया कि पता नहीं कब कटान हो जाए और छप्पर समेत घर पानी में समा जाए।
इन गांवों तक पहुंच गया बाढ़ का पानी
चौखड़िया, रघुनाथपुर, महंगूपुर, जैतपुर, माझाराठ, दुर्गागंज और दुल्लापुर समेत कई गांवों के रिहायशी इलाकों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई प्रभावित परिवारों को अब तक राहत किट, भूसा, पन्नी समेत जरूरी सामग्री नहीं मिली है। इससे लोगों में नाराजगी है।
3.67 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार सुबह सरयू नदी में कुल 3,67,600 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इसमें गिरिजा बैराज से 1,83,738, शारदा से 1,68,408 और सरयू बैराज से 15,454 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार शाम कुल डिस्चार्ज 3,57,899 क्यूसेक था। यानी डिस्चार्ज में भी बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि एल्गिन-चरसड़ी बांध पर फिलहाल किसी तरह की दिक्कत नहीं है। निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों के कुछ गांव प्रभावित हो सकते हैं।
98 नावें लगाईं, रोज बांटे जा रहे आठ हजार लंच पैकेट
तहसीलदार आशुतोष पांडेय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए क्षेत्र में 98 नावें संचालित की जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन करीब आठ हजार लंच पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को राशन किट भी दी जा रही है। ऐली-परसौली क्षेत्र में भी 16 नावें लगाई गई हैं। प्रशासनिक टीम और स्थानीय लोगों की मदद से प्रभावित परिवारों तक लंच पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं।
गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करती तस्वीरें। संवाद
गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करती तस्वीरें। संवाद