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मनरेगा में नियमों की अनदेखी कर 400 पंचायतों ने किए भुगतान

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गोंडा। मनरेगा में नियमों की अनदेखी कर भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ है। दो सालों में 400 के करीब पंचायतें कार्रवाई के दायरे में आई हैं। इन पंचायतों ने मानक की अनदेखी करके भुगतान कर दिए। नियमों के तहत श्रम पर 60 फीसदी और सामग्री पर 40 फीसदी का भुगतान करना है लेकिन 400 पंचायतों ने इसके विपरीत भुगतान किया है। इन पंचायतों से मनरेगा के श्रम एवं रोजगार उपायुक्त ने अभिलेख तलब करने के साथ ही जवाब भी मांगा है। इनमें 63 पंचायतें इस महीने ही अनियमित भुगतान से कार्रवाई के दायरे में आई हैं। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को हिदायत दी है कि भुगतान में अनियमितता न होने पाए। भुगतान के मानक को सुधार करके रिपोर्ट मांगी है।
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जिले में मनरेगा से इस साल 500 करोड़ के बजट तय हुए थे। ग्राम पंचायतों और ब्लॉक स्तर से करीब 300 करोड़ रुपए की परियोजना संचालित भी की जा चुकी है। बीते साल ब्लॉकों की हुई पड़ताल में 8 विकास खंडों में 50 करोड़ से अधिक का भुगतान मानके विपरीत किए जाने का मामला सामने आया था। ब्लॉकों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जिलाधिकारी ने मानक सही करने की हिदायत दी थी। इसके बाद भी भुगतान में सुधार नही हो रहा है। वर्ष 2018-19 व वर्ष 2019-20 में 350 से अधिक ग्राम पंचायतों में अनियमित भुगतान का मामला सामने आया। इनके मानक के विपरीत खर्च किए जाने पर जवाब मांगा गया है। अब पंचायतों में खलबली मची है। इसी के साथ ही 63 और ग्राम पंचायतों में अनियमित भुगतान का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पंचायतों में 20 करोड़ के करीब मानक के विपरीत भुगतान किए जाने की रिपोर्ट ऑनलाइन समीक्षा से मिली है। अभी पंचायतों को मानक सुधारने के लिए मौका दिया गया है। फिलहाल भुगतान की स्थिति की जांच के अभिलेख मांगे गए हैं।
63 पंचायतों के 189 मनरेगा कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब
मनरेगा में चल रही गड़बड़ियों को सुधारने के लिए मनरेगा कर्मियों को नोटिस जारी की है। जिले की 63 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों और रोजगार सेवकों को नोटिस जारी कर मानक के विपरीत भुगतान किए जाने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि मनरेगा में किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नही की जाएगी। पंचायतों में भुगतान की स्थिति सुधारने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
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यहां तो बड़ों के ब्लॉकों में ही हो रहा भुगतान का खेल
जिले में दो ब्लॉक ऐसे हैं जहां की कमान तो सत्ता से जुड़े लोगों के हाथ में है ही खंड विकास अधिकारी का प्रभार भी जिम्मेदार अधिकारी के हाथ में है। पंडरी कृपाल और मुजेहना ब्लॉक में हर महीने में कोई न कोई चूक मनरेगा के भुगतान में होती हैं। ऐसा तब हो रहा है जब यहां के मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी का प्रभार मनरेगा के उपायुक्त श्रम एवं रोजगार के पास हैं। उन्होंने पूरे जिले के ब्लॉकों में भुगतान के मानक को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी शासन से मिली है। वह अपने ही प्रभार वाले ब्लॉकों के भुगतान का मामला नही सुधार पा रहे हैं। इसके साथ ही वजीरगंज, नवाबगंज, तरबगंज ब्लाक में भी भुगतान की स्थिति नही सुधर रही है।
मनरेगा योजना के भुगतान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हर महीने समीक्षा के साथ ही कोई कमी मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। इसकी जांच के लिए समिति भी कार्य कर रही है। अधिकारियों को भुगतान में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
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