तरबगंज तहसील क्षेत्र में बड़ा भूमि घोटाला सामने आया है। एडीएम की जांच में तहसील कर्मियों की मिलीभगत से 36 अपात्रों को कीमती भूमि का पट्टा दिये जाने का खुलासा हुआ है। एसडीएम तरबगंज ने जांच कर मामले की रिपोर्ट कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद क्षेत्र के भूमि माफिया में खलबली मच गई है।
तरबगंज तहसील की ग्राम पंचायत रेतादल स्थित करीब 90 बीघा जमीन पर भूमाफिया की नजर थी। उन्होंने तरबगंज तहसील के कुछ कर्मचारियों से मिलीभगत कर उन्हें भूमि घोटाले के खेल में शामिल किया। इसके बाद इलाके के कई अपात्रों को कीमती जमीन पट्टे पर आवंटित कर दी। जबकि इससे पहले आवंटन का मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
इस नए आवंटन का जब लोगों को पता चला तो इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम ने मामले की जांच एसडीएम राम सजीवन मौर्या को सौंपी। एसडीएम ने मामले की जांच की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। जमीन का आवंटन ऐसे लोगों के नाम कर दिया गया जो नौकरी पेशा के अलावा बड़े कारोबारी हैं।
एसडीएम ने जांच में 36 लोगों को अपात्र पाया है, जिसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी है। इस रिपोर्ट में जिन जिन्हें अपात्र ठहराया गया है, उनमें निशा, रमेश, रंजना, ऊषा देवी, सांवला देवी, मायावती, रेनू, मालती, उर्मिला, गुलाबा, बैभव, नीलेश, पुष्पा, रामकुमार, बीना, दुलारी, हनुमान लली, बिंदू, अमित कुमार, सरिता, शिखा व रीमा का नाम शामिल है।
एसडीएम तरबगंज राम सजीवन मौर्या ने कहा कि कुछ लोगों ने मिलकर फर्जी तरीके से 36 अपात्रों के नाम सरकारी जमीन का फर्जी तरीके से पट्टा आवंटन कर दिया था। इस मामले की लोगों की शिकायत पर डीएम की ओर से मुझे जांच करने का आदेश दिया गया था। जांच में 36 अपात्र लोगों का नाम सामने आया है। जांच आख्या डीएम को भेज दी गई है। इस पर डीएम की ओर से कार्रवाई की जाएगी।