29-गोंडा में नकहरा पहुंचे सीओ जितेंद्र कुमार दूबे मय पुलिस टीम
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करनैलगंज (गोंडा)। तीन दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा नदी के जलस्तर में शनिवार को कमी दर्ज की गयी। वहीं घटती घाघरा ने रौद्र रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। मैदानी इलाकों की कृषि योग्य भूमि जलमग्न होने के साथ कटान से घाघरा मय होती जा रही है। तहसील के दर्जन भर गांवों के किसानों की करीब 350 बीघे से अधिक भूमि कटान की जद में आकर घाघरा में समा गई हैं।
घाघरा घाट स्थित एल्गिन ब्रिज से केन्द्रीय जल आयोग द्वारा प्राप्त आंकड़ो के अनुसार घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 13 सेंमी. नीचे आ चुका है। नदी के तेवर अब भी तूफानी बने हुए है। अनुमान लगाया जा रहा है कि डिस्चार्ज बढ़ने के साथ ही रविवार से नदी का जलस्तर फिर से बढ़ सकता है। जिससे तटवर्ती इलाकों में खतरा बरकरार है। नकहरा गांव के पास पूर्व में कटे अस्थाई बांध के कटान वाले हिस्से से आ रही घाघरा की जलधारा इलाके में तबाही मचा रही है। निर्माणाधीन रिंगबांध का एक बड़ा हिस्सा अब भी नहीं बन सका है। जिससे घाघरा में ऊफान आने पर सैकड़ो गांवो पर बाढ़ का खतरा बना हब आ है। तो वहीं निर्माणाधीन रिंगबांध के भीतरी हिस्से में आने वाले मांझा रायपुर व नकहरा की करीब 35 हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में है। मांझा रायपुर पूरा पानी में डूब चुका है। लोगों के घरों में पानी ही पानी है। तो वहीं नकहरा के दो मजरे तीरथरामपुरवा व राधेपुरवा में भी बाढ़ का पानी दस्तक दे चुका है। यहां के लोग अपना जरूरी सामान लेकर बांध पर शरण ले रहे है। यहां के निवासियों का आरोप है कि निर्माणाधीन रिंगबांध हम लोगों के लिए बाढ़ का सबब बना हुआ है। बांध बनाते समय हम लोगों का ख्याल नहीं रखा गया। जिससे आज ये दिन देखने पड़ रहे है। जानकारों का कहना है कि फिलहाल अभी तो घाघरा में डिस्चार्ज पौने दो लाख क्यूसेक के आसपास बना हुआ है। पर डिस्चार्ज बढ़ते ही खतरा पुन: बढ़ जायेगा। शुक्रवार को तहसील करनैलगंज के गौरासिंहपुर में बाढ़ चौकी खोले जाने के ऐलान के बाद यहां अभी यहां चौकी स्थापित नहीं है। विगतवर्ष प्राथमिक विद्यालय में जहां बाढ़ चौकी स्थापित थी शनिवार को यहां स्कूल संचालित मिला। बाद में बताया गया कि इस बार बाढ़ चौकी पास में ही स्वास्थ्य केंद्र के भवन में बनाई गयी है। यहां भी पूरा भवन खाली पड़ा है।
बाढ़ की स्थिति पर है नजर
बाढ़ की स्थिति नजर रखी जा रही है। भूमि में कटान की रिपोर्ट राजस्व कर्मियों से मांगी गई है। राहत के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग है। अभी बाढ़ की स्थिति गंभीर नही है। -ज्ञानचंद्र गुप्त, एसडीएम