जिले के परिषदीय विद्यालय में अप्रैल से कक्षाएं संचालित हो रही है, मगर चार महीने बाद अभी तक 35 हजार से अधिक बच्चों को डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफार (डीबीटी) योजना का लाभ नहीं मिल सका है। ऐसे में लाभ से वंचित अभिभावकों के बच्चों को बिना युनिफार्म, जूता, मोजा व बैग विद्यालय आने पर मजबूर हैं।
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में करनैलगंज, नवाबगंज और गोंडा नगर क्षेत्र और रुपईडीह, मनकापुर, परसपुर, झंझरी व पंड़रीकृपाल समेत जिले के 19 शिक्षा क्षेत्रों के 2,610 परिषदीय विद्यालय में कुल 2.88 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इस बार शासन स्तर से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को समय से किताबें, यूनिफॉर्म, जूता, मोजा, बैग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सीएम योगी आदित्यनाथ स्तर एक साथ 1.66 बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1200-1200 रुपये ट्रांसफर किए गए। जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र ने दावा किया कि लगभग 2.5 लाख बच्चों की जरूरी प्रक्रिया पूरी कर अभिभावकों के खाते में डीबीटी का लाभ दिया गया है। साथ ही शिक्षक व अभिभावक स्तर पर समन्वय बनाकर यूनिफार्म खरीदा गया। चार महीने बाद भी 35 हजार बच्चों को लाभ नहीं दिया जा सका है। अधिकारियों का कहना है कि परिषदीय विद्यालय स्तर पर शिक्षकों ने बच्चों का ब्यौरा नहीं दिया। ऐसे में बड़े पैमाने पर बच्चे लाभ से वंचित रह गए हैं।
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खराब प्रदर्शन वाले दस शिक्षा क्षेत्र की सूची जारी
ब्लॉक- वंचित बच्चे
तरबगंज- 2903
बेलसर- 2765
परसपुर- 2750
नवाबगंज- 2636
छपिया- 2453
मुजेहना- 2429
वजीरगंज- 2259
बभनजोत-2251
हलधरमऊ- 2250
कटराबाजार- 2040
संबंधित के खिलाफ होगी कार्रवाई
सभी शिक्षकों व बीईओ को नोटिस जारी की जा रही है। जल्द योजना का लाभ देने के लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अतुल कुमार तिवारी, बीएसए