मनकापुर क्षेत्र के गोपालपुर गांव में बीती शाम फूड पॉयजनिंग से 33 लोग बीमार हो गए। बताया जाता है कि पीड़ितों ने बुधवार को कस्बे में एक चाट की दुकान से पानी के बताशे व टिक्की खाई थीं। इसके बाद उन्हें अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी बीमार लोगों का गांव में उपचार कर रही है।
चिकित्साधीक्षक डॉ. केएन गुप्त ने बताया कि शाम को घटना की सूचना मिलते ही मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भेज दी गई थी, जो गुरुवार तक गांव में कैंप कर पीड़ितों का इलाज करने में जुटी रही।
बताया जाता है कि गोपालपुर गांव में रहने वाली अर्चना (15), फूलमता (40), प्रिया (15), पूजा (17), प्रियंका (12), सीमा (18), प्रिंस (7), मालती (40), अंकित (12), आंचल (8), श्रीदेवी (18), नंदिनी पांडेय (13), अमन (5), कमलेश (35), रवीकांत (15), सौम्या (2), पूजा (35), सूर्यकांत (7), महेश (2), चंद्रावती (40), रवी (4), सिमरन (10), रविकर (8), उदय (6) सहित 33 लोगों को अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गए।
इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में लोगों ने इसकी सूचना एएनएम निर्मला को दी। उसने तुरंत मामले की जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दी। इसके बाद सीएचसी मनकापुर के अधीक्षक डॉ. केएन गुप्त ने तीन डॉक्टरों की एक टीम गठित कर गांव में भेजी। जिसने गांव में ही कैंप कर पीड़ितों का उपचार शुरू कर दिया।
गुरुवार को भी गांव में पूरे दिन बीमार लोगों का इलाज किया गया। दो लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। ग्राम प्रधान अवधेश कुमार ने बताया कि गांव में 33 लोग फूड पॉयजनिंग से बीमार हैं। इनका उपचार किया जा रहा है।
वहीं, मनकापुर के अधीक्षक डॉ. केएन गुप्त ने गांव में उल्टी-दस्त फैलने की मुख्य वजह फूड पॉयजनिंग मानी है। उनका कहना है कि पीड़ितों ने बुधवार को किसी चाट की दुकान से पानी के बताशे व टिक्की खाई थीं। जिसके कारण लोग फूड पॉयजनिंग का शिकार हो गए।
डॉक्टरों की टीम बीमार लोगों का हरसंभव उपचार कर रही है। मौके पर डॉ. डीके भाष्कर के साथ अन्य चिकित्सीय कर्मचारी लगे है। उधर, उप जिलाधिकारी मनकापुर अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि गांव में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की टीम भेजी गई है, जो बीमारी के बारे में जानकारी कर रही है।