गोंडा। राष्ट्रीय एवं उत्तर प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर में हुआ। लोक अदालत में 3285 मामले निस्तारित किए गए और 10 लाख 83 हजार 430 रुपये का जुर्माना वसूला गया। न्यायिक अधिकारियों ने 2374 वाद का निस्तारण किया, इसके अलावा स्थायी लोक अदालत के प्रभारी अध्यक्ष रणजीत पाठक, सदस्य अनुराग सिंह ने 4 व तहसील स्तर के प्री लिटीगेशन से 567 मामले और बैंकों के 344 मामलों का निस्तारण कर 5 करोड़ 95 लाख 84 रुपये की समझौता राशि तय की गई है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/ सिविल जज सीनियर डिवीजन जयहिंद कुमार सिंह ने बताया कि जनपद न्यायाधीश प्रदीप कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। जनपद न्यायाधीश प्रदीप कुमार गुप्ता ने 5 वाद, द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश एससी/एसटी राम प्योर ने 4 वाद एवं अर्थदंड 10 हजार रुपये, तृतीय अपर जिला जज अंगद प्रसाद ने दो वाद एवं एक हजार रुपये अर्थदंड, विशेष न्यायाधीश ईसीएक्ट परवेज अहमद ने 25 वाद, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मीता कुमारी ने 10 वाद, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आफशां ने 8 वाद, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैली राय ने दो वाद, अपर प्रधान न्यायाधीश गरिमा सिंह ने 7 वाद का निस्तारण किया।
इसके साथ ही सीजेएम हरीराम ने 622 वाद का निस्तारण किया और 2.25 लाख 810 रुपए का अर्थदंड, सिविल जज सीनियर डिवीजन जयहिंद कुमार सिंह ने 13 वाद का निस्तारण किया और 56 लाख 6 हजार 494 रुपए का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। एसीजेएम रेलवे विवेक सिंह द्वितीय ने 476 वाद का निस्तारण एवं 331050 रुपए का अर्थदंड, एसीजेएम प्रथम रवि शंकर गुप्त ने 377 वाद एवं 334460 रुपए का अर्थदंड, सिविल जज जूडि. स्वेत्सा चंद्रा ने 7 वाद निस्तारित करते हुए 7 लाख 32 हजार 819 का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया।
न्यायिक मजिस्टे्रेट प्रथम काव्या सिंह ने 302 वाद एवं 86200 रुपए का अर्थदंड, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय स्वपनिल पांडेय ने 303 वाद एवं 27260 रुपए का अर्थदंड, प्रथम अपर सिविल जज जूडि. प्रभात सिंह ने 10 वाद, तृतीय अपर सिविल जज जूडि. शालीन मिश्रा ने 35 वाद और 18200 रुपए का अर्थदंड, पंचम अपर सिविल जज जूडि. अभिषेक कुमार सिंह ने 25 वाद एवं 29500 रुपए अर्थदंड, सिविल जज जूडि. एफटीसी कीर्ति किशोर ने 56 वाद, स्पेशल न्यायिक मजिस्टे्रट राजेश्वरी प्रसाद दूबे ने 69 वाद एवं 9150 रुपए व मोटर दुर्घटना दवा अभिकरण के पीठासीन अधिकारी रवि नाथ ने 16 वाद निस्तारित किए। न्यायिक अधिकारियों ने 2374 मामलों का निस्तारण किया और 10 लाख 83 हजार 430 रुपए अर्थदंड वसूला।