गोंडा। कोरोना वायरस का संक्रमण पिछले दिनों की अपेक्षा अब कुछ कम हुआ है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है। गुरूवार को जिले में कुल 32 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। इसमें झंझरी के इमिलिया मिश्र गांव में एक साथ 5 लोगों कोरोना से ग्रसित मिले हैं। गुरुवार को जहां कोरोना वायरस के संक्रमण से 32 लोग संक्रमित पाये गये, वहीं 22 लोगों कोरोना के चलते ठीक भी हुए हैं। बीते 15 दिनों से आरटीपीसीआर और एंटीजन किट की जांच में काफी कमी दर्ज की गई है।
दस दिन पूर्व तक जहां एक दिन में 3 हजार तक लोगों की जांच होती थी, वहीं पर अब ये आंकड़ा 1 हजार से लेकर 15 सौ के बीच में झूल रहा है। जबकि अब कोविड की जांच के लिए जिले में ही आरटीपीसीआर लैब की स्थापना की गई थी। लेकिन अभी भी लखनऊ पर जिले की जांच की निर्भरता खत्म नहीं हुई है। मौजूदा समय में लगभग किट की उपलब्धता न होने से जिले में आरटीपीसीआर की जांच कम हो पा रही है। अब तक जिले में 3612 कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। इनमें से 3114 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। अभी भी जिले में 458 लोग कोरोना एक्टिव हैं। जिले में अब केवल 76 कंटेनमेंट और 16 क्लस्टर जोन बचे हैं जहां पर कोरोना का संक्रमण है।
स्टाफ की कमी भी आड़े आ रही है
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला के मुताबिक आरटीपीसीआर लैब की शुरुआत तो सीएम की पहली विजिट में ही हो गई थी। लेकिन लैब ने सुचारु रूप से अब काम करना शुरू किया है। लेकिन स्टाफ की कमी से अभी भी हमें अधिकांश जांचे लखनऊ भेजनी पड़ती हैं। रोजाना करीब 6 सौ से 7 सौ जांच लखनऊ भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बारिश के चलते जांच भी काफी प्रभावित हुई है।