परिषदीय, राजकीय व अनुदानित 3197 विद्यालयों में बुधवार को एक साथ मिड-डे मील का निरीक्षण करने के लिए छापेमारी की गई। इस दौरान 50 से 55 प्रतिशत विद्यालयों में ही बच्चों को दूध पिलाया गया। इनमें भी तमाम स्कूलों में दूध में पानी मिलाकर पिलाया गया।
डीएम अजय कुमार उपाध्याय के निर्देश पर लेखपाल, ग्राम सचिव सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी विद्यालय वार चेकिंग के लिए लगाई गई थी। इन सबको परिषदीय, अनुदानित व सरकारी स्कूलों में निरीक्षण करना था। शासन के निर्देश के अनुसार नए मेन्यू के अनुसार मिड-डे मील स्कूलों में बन रहा है और बच्चों को बुधवार को दूध दिया गया या नहीं। इसकी जांच के लिए बुधवार को टीमों ने जिले के सभी विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि 50 से 55 प्रतिशत विद्यालयों में बच्चों को दूध पिलाया गया। कहीं दूध की कमी तो कहीं बजट का अभाव भी सामने आया।
कटरा बाजार के केंद्रीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय वीरपुर कटरा में बुधवार सुबह 88 बच्चे पहुंचे थे। प्रधानाध्यापक नंद कुमार त्रिपाठी ने मिड-डे मील में पहले से संचालित मेन्यू के अनुसार भोजन कराया। इसके बाद बच्चों को 200 मिलीलीटर दूध पिलाया गया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य शिक्षक अनुदेशक उपस्थित रहे। वहीं, बेलसर ब्लॉक के बरौली प्राथमिक विद्यालय व जफरापुर में प्रधान गनी मोहम्मद व शिक्षकों की उपस्थिति में सभी बच्चों को दूध पिलाया गया। दूध पाते ही बच्चों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। प्राथमिक विद्यालय पथवलिया प्रथम में प्रधानाध्यापिका पूनम श्रीवास्तव ने सहायक अध्यापिका अर्चना पांडेय, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री निर्मला व मिथिलेश से सभी बच्चों को दूध वितरित कराया। प्राथमिक विद्यालय पथवलिया द्वितीय में नामांकित 118 बच्चों में से 47 बच्चे मौजूद थे। इन सभी को दूध पिलाया गया। बीएसए डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि जांच टीमों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। किन परिस्थितियों में दूध नहीं दिया गया, इसके लिए जवाब तलब किया जाएगा।