गोंडा। कैसरगंज संसदीय क्षेत्र व गोंडा संसदीय क्षेत्र के 2882 ईवीएम व वीवीपैट मतदान के बाद अब सीआईएसएफ के हवाले कर दिया गया है। कृषि उत्पादन मण्डी समिति परिसर में बने स्ट्रांगरूम में बूथवार अलग-अलग कक्ष में ईवीएम को डबल लॉक में रखा गया है। सभी कक्ष पर सशस्त्र सीआईएसएफ जवानों की निगहबानी है। दो लोकसभा सीट के 27 उम्मीदवारों के भाग्य को संभालने वाली ईवीएम वीवीपैट की सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
कृषि उत्पादन मण्डी परिसर में ईवीएम की रखवाली के लिए एक प्लाटून सीआईएसएफ लगाई गई है। लोकसभा चुनाव में वोट डालने के प्रयोग में लाई गई 2882 ईवीएम व वीवीपैट को अलग अलग विधानसभावार बने कक्ष में रखा गया है। हर एक कक्ष के बाहर सीआईएसएफ का एक सशस्त्र जवान मुस्तैद है। ये जवान पाली बदलकर 24 घण्टे कक्ष की निगहबानी कर रहे हैं। रात में पेड़ का एक पत्ता खड़कते ही जवानों की ओर चेतावनी सीटी बजा दी जाती है। ईवीएम की सुरक्षा में सीआईएफ की रिजर्व टीम ने मण्डी परिसर में ही डेरा डाल रखा है। आधुनिक स्वचालित हथियार से लैस सुरक्षा बल के जवान मुस्तैदी से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
तीसरी आंख की भी है नजर
गोंडा। ईवीएम कक्ष पर तीसरी आंख की भी नजर है। हर कक्ष के सामने क्लोज सर्किट कैमरे लगाये गये हैं। कक्ष के पल पल की स्थिति न सिर्फ कैमरे में कैद हो रही है बल्कि इसकी मानीटरिंग सभी आला अफसरों की ओर से किया जा रहा है। पूरे मतगणना परिसर को 31 कैमरे से लैस किया जा रहा है।
मजिस्ट्रेटों की ईवीएम सुरक्षा में लगी ड्यूटी
गोंडा। कृषि उत्पादन मण्डी समिति में ईवीएम के रखने के लिए बने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों के अलावा मजिस्टे्रटों की भी ड्यूटी लगाई गई है। एक एक पाली में अलग अलग मजिस्टे्रट की स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए लगाया गया है। इस बारे में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञान चन्द्र गुप्ता ने बताया कि अलग अलग दिन अलग अलग मजिस्टे्रट की ईवीएम रखे स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए लगाया गया है।