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जिले के 122 परिषदीय स्कूलों में लटक रहे हैं ताले

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122 परिषदीय स्कूलों में लटक रहे हैं ताले, पढ़ाई ठप
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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। स्थिति यह है कि 25 जूनियर हाईस्कूलों और 98 प्राइमरी स्कूलों में तालाबंदी चल रहा है। इन स्कूलों में एक भी शिक्षक नही हैं। इसके अलावा 175 जूनियर हाईस्कूल और 570 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ एक ही शिक्षक हैं।

यहां भी शिक्षण कार्य प्रभावित है। तबादलों के बाद स्कूलों में शिक्षक की कमी ऐसी हुई कि अब स्कूलों का संचालन भारी पड़ रहा है। विभाग 5 सितंबर तक होने वाले शिक्षक भर्ती से स्कूलों में शिक्षक देने की व्यवस्था बनाने का दावा कर रहा हो लेकिन स्कूलों को पर्याप्त शिक्षक मिलने की उम्मीद पूरे होती नहीं दिख रही है। बंद स्कूलों को खोलने के लिए शनिवार से बीएसए कार्यालय में काउंसिलिंग शुरू होगी।
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जिले में 2232 प्राइमरी स्कूल और 898 जूनियर हाईस्कूल हैं। शिक्षकों की कमी से कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित है। बंद होने वाले स्कूलों के साथ ही एक हजार के करीब ऐसे स्कूल हैं जहां शिक्षकों की आवश्यकता बताई जा रही है।

जिले के 1118 ऐसे प्राइमरी स्कूल हैं जहां प्रधानाध्यापक ही नही हैं। इसके अलावा 2600 सहायक अध्यापकों की कमी पूरे जिले में है जिससे स्कूलों की पढ़ाई पर असर दिख रहा है। इस बार सहायक अध्यापक के लिए हो रही भर्ती में 648 पद तय किए गए थे लेकिन 527 आवेदकों ने ही गोंडा जिला चुना है।

इससे अब 5 सितम्बर तक 527 सहायक अध्यापक ही मिल पाएंगे। इसके बाद भी 1500 के करीब के सहायक अध्यापकों की कमी रहेगी। बंद स्कूलों को सिर्फ खोले जाने से संचालित किया जाना कितना संभव हो पाएगा वह वक्त ही बताएगा। फिलहाल स्कूलों को खोले जाने की कवायद हो रही है।

इसी तरह जूनियर हाईस्कूलों के भी 400 स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं हैं। इसके अलावा 571 सहायक अध्यापकों की भी कमी है। जूनियर हाईस्कूलों में तो शिक्षकों की कमी पूरी हो पाना संभव ही नहीं है क्योंकि सहायक अध्यापकों पद पर सीधी भर्ती अब रोक दी गई है। पदोन्नति पर भी रोक लगी है।

भर्ती के बाद भी लटकते रहेंगे 25 स्कूलों में ताले
प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के बाद भी 25 जूनियर हाईस्कूलों में ताले लटकते रहेंगे। इन स्कूलों में तो प्राइमरी स्कूल के शिक्षक जा नही पाएंगे और पदोन्नति पर अभी रोक लगी है।

इसी तरह जूनियर हाईस्कूलों को 571 शिक्षक भी नहीं मिल पाएंगे। समायोजन में भी सिर्फ 51 शिक्षक ही सरप्लस हैं और सभी सहायक अध्यापक हैं। ऐसे में जूनियर हाईस्कूलों की समस्या जस की तस ही बनी रहेगी।

सहायक अध्यापक के पद 648 और आवेदक सिर्फ 527
पहली बार किसी भर्ती में रिक्त पद से कम आवेदन आए हैं। गोंडा में प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के 648 पदों के लिए शनिवार से शुरू हो रही काउंसिलिंग के लिए 527 आवेदक ही हैं। भर्ती प्रक्रिया शुुरु होने के समय जिले में 1400 पदों पर नियुक्ति तय की गई थी।

भर्ती परीक्षा के परिणाम के बाद पदों को घटाकर 648 कर दिया गया था। लेकिन फिर भी 527 आवेदक ही जिले में चयन के लिए आ रहे हैं। इससे विभाग की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया। ऐसे ही बीते साल हुए अन्र्तजनपदीय तबादलों में जिले के बाहर 576 शिक्षक गए और दूसरे जिलों से सिर्फ 6 शिक्षक ही यहां आए। इससे भी शिक्षकों की कमी बढ़ गई।

करनैलगंज ब्लाक 10 स्कूल हैं बंद व 39 स्कूलों में एक ही शिक्षक
शिक्षकों की कमी से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था चौपट है। ब्लाक के 5 प्राइमरी व 5 जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक न होने से ताला लटक रहा है।

वहीं शिक्षकों की कमी से 22 प्राइमरी स्कूल व 17 जूनियर हाईस्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक हैं। ऐसे में शिक्षकों को शिक्षण कार्य प्रभावित है। ब्लाक में 138 प्राथमिक विद्यालय और 55 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं।

जिसमें से 5 प्राथमिक एवं 5 उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षक के अभाव में बंद चल रहे हैं। वहीं 22 प्राथमिक विद्यालय और 17 जूनियर विद्यालय मात्र एक शिक्षक के सहारे संचालित हो रहे हैं।
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शिक्षक भर्ती से स्कूलों मेें शिक्षकों की कमी दूर की जाएगी। जूनियर हाईस्कूलों को खोले जाने के लिए समयोजन से व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलावा पदोन्नति पर रोक हटने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-रमाकांत वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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