वित्तविहीन शिक्षकों ने प्रदर्शन कर किया मूल्यांकन का बहिष्कार
गोंडा। मानदेय बहाली की मांग को लेकर वित्त विहीन शिक्षकों का मूल्यांकन कार्य से बहिष्कार दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा।
वित्तविहीन शिक्षक महासभा के नेतृत्व में शिक्षकों ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं रविवार को जिले के चार मूल्यांकन केंद्रों पर 18 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया।
जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में 1520 शिक्षक लगाए हैं,जिसमें 80 प्रतिशत शिक्षक वित्त विहीन विद्यालयों के हैं। लेकिन इस शिक्षकों के बहिष्कार ने मूल्यांकन कार्य को प्रभावित किया है।
बहिष्कार के चलते ही शनिवार को पहले दिन कापियों के बंडल तक नहीं खोले जा सके थे। हालांकि रविवार को सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य प्रांरभ किया मगर उन्हे भी वित्तविहीन शिक्षकों के विरोध का सामना करना पड़ा।
वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष रमेश मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने राजकीय इंटर कॉलेज के गेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और सरकार से मानदेय बहाली की मांग की। शिक्षकों ने ऐलान किया कि मानदेय बहाली होने तक उनका मूल्यांकन बहिष्कार जारी रहेगा।
इस दौरान भोलानाथ मिश्रा, सुशील तिवारी, सुनील शुक्ला समेत अन्य मौजूद रहे। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि दूसरे दिन करीब 18 हजार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। डीआईओएस ने बताया कि वित्तविहीन शिक्षकों के बहिष्कार का कोई असर मूल्यांकन पर नहीं है।