खराब रैंकिंग से नाराज डीएम ने अधिकारियों को फटकारा
गोंडा। समेकित शिकायत निवारण प्रणाली आईजीआरएस की महत्वपूर्ण बैठक से बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर डीएम जेबी सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोषदेव पाण्डेय तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी वर्मा से स्पष्टीकरण तलब किया है।
इसके अलावा ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई डीएम जेबी सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान की है।
समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि कुछ लापरवाह अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निपटारे में रूचि न लेने के कारण जनपद प्रदेश में शिकायतों के निस्तारण में 70 वें पायदान पर पहुंच गया है। निस्तारण की खराब स्थित से नाराज डीएम ने बैठक में ही जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब कर जमकर फटकार लगाई।
सबसे ज्यादा शिकायतें एसडीएम स्तर पर लंबित हैं। शिकायतों के निस्तारण में एसडीएम करनैलगंज की स्थिति संतोषजनक पाई गई, जबकि सबसे कम निस्तारण एसडीएम तरबगंज द्वारा किया गया। लंबित शिकायतों में एसडीएम, तहसीलदार व चकबंदी विभाग के स्तर पर कुल 1441 शिकायतें लंबित पाई गईं।
जबकि डीपीआरओ के स्तर पर 189, पीडी के स्तर पर 132, एसपी गोंडा के स्तर पर 90, आपदा विभाग के स्तर पर 59, सीएमओ स्तर पर 45, बीएसए स्तर पर 44, सीडीओ स्तर पर 40, डीडीओ स्तर पर 41, एक्सईएन विद्युत.1 के स्तर पर 28, एक्सईएन विद्युत.2 के स्तर पर 25, डीएसओ स्तर पर 25, एडीएम स्तर पर 18, आबकारी अधिकारी स्तर पर 15 शिकायतों सहित व अन्य विभागों की कुल 965 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित पाई गईं।
बैठक में ई.डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित गुप्ता द्वारा बताया गया कि अधिकारियों द्वारा समय से आख्या नहीं भेजी जा रही है और भेजी गई आख्याओं में निर्धारित प्रारूप का ध्यान नहीं रखा जाता है। इसके अलावा अधिकारियों के बिना हस्ताक्षर के ही आख्या अपलोड कर दी जाती है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की लंबित शिकायतों को निस्तारित कर एक सप्ताह के भीतर उन्हें रिपोर्ट सौंप दें अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्रा, एडिशनल एसपी हृदयेश कुमार, एसडीएम करनैलगंज अर्चना वर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।