खतरे के निशान से 51 सेंमी ऊपर पहुंची नदी
16 नए गांवों मे घुसा बाढ़ का पानी
करनैलगंज(गोंडा)। घाघरा नदी का बढ़ता जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से 51 सेंमी ऊपर तक पहुंच गया है। बाढ़ का पानी प्रभावित मजरों में तेजी से फैल रहा है। शनिवार को 16 नए गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया इससे बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 196 पर पहुंच गई है।
शनिवार को घाघरा का जलस्तर बढ़कर 106.586 पर पहुंच गया जो खतरे के निशान से 51 सेमी ऊपर है। करनैलगंज तहसील क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित ग्राम पंचायतों की संख्या अब 21 हो गई है। जिसमें नकहरा, काशीपुर, प्रतापपुर, घरकुंइया, पूरे अंगद, भटपुरवा, दिवली, गौरासिंहपुर, बहुवन मदार मांझा, शिवगढ, अतरसुइया, मोहम्मदपुर गडवार, मांझा रायपुर, रेक्सड़िया नन्दौर, चरसडी, रेक्सडिया, पूरे अजब, चन्द्रभानपुर एंव चन्दापुर किटौली, रमवापुर, पसका के 152 मजरे प्रभावित हो चुके हैं। वहीं जिले की सीमा से सटे बाराबंकी जिले की पांच ग्राम पंचायतों परसावल, रायपुर, बेहटा, कमियार, नैपूरा एंव पारा के 44 मजरे पहले से ही बाढ प्रभावित हैं। इस तरह बाढ़ से प्रभावित मजरों की संख्या बढ़कर 196 पहुंच गई है। इनमें 102 मजरे ऐसे हैं जो पूरी तरह से बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं। बाराबंकी जिले के ग्राम पारा, चरपुुरवा व नये पुरवा में घाघरा की कटान से मजरे का अस्तित्व लगभग समाप्ति की ओर है। ग्रामीणों का पूरी तरह से पलायन हो चुका है और गांव कटान में लगातार घाघरा की जद में है। इन गांवों के भीतर नदी की कटान शुरु हो गई है। जिससे बांध पर भी खतरा तेज होता जा रहा है।