जिले में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत चयनित 3054 मजरों के रोशन होने पर ग्रहण लग गया है। नवंबर 2014 से शुरू होने वाला काम जुलाई 2015 तक भी शुरू नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्था ने 9 महीने में केवल सर्वे किया है। विद्युतीकरण का काम कब शुरू होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है। बीते दिनों डीएम ने एक्सईएन पावर कॉर्पोरेशन को पत्र लिखकर कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को मीटिंग के लिए बुलाया है।
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत जिले के सौ से अधिक आबादी वाले 3054 मजरों को विद्युतीकरण के लिए चयनित किया गया है। पावर कॉर्पोरेशन ने इन मजरों में बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी मेमर्स वेरीगेट हैदराबाद नामक संस्था को सौंपी है।
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत चयनित 3054 मजरों के विद्युतीकरण के लिए कार्यदायी संस्था को करीब 158 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। यह पैसा वित्तीय वर्ष 2014-15 में भी दिया गया है। वर्ष 2015-16 मे भी संस्था ने अभी तक पोल व तार बिछाने का काम शुरू नहीं किया है।
3054 मजरों के विद्युतीकरण की प्रगति का आलम यह है कि इन मजरों में खंभे व तार लगना तो दूर अभी केवल सर्वे हुआ है। कार्यदायी संस्था के अधिकारी व पावर कॉर्पोरेशन के लोग चुप्पी साधे हुए है। चयनित मजरों के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोग शीघ्र बिजली की रोशनी चाहते है।
3054 मजरों के विद्युतीकरण का काम पाने वाली संस्था को नवंबर 2014 में ही काम शुरू करना था। संस्था को उसी समय कार्य शुरू करने का कार्य आदेश भी मिला है।
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत काम न शुरू होने की बात को डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने एक्सईएन पावर कॉर्पोरेशन को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वह कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि से वार्ता तथा कार्य प्रगति रिपोर्ट के साथ मेरे समक्ष वार्ता के लिए प्रस्तुत करें।
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का काम देख रही कार्यदायी संस्था को सूचना भेज दी गई है। संस्था के अधिकारी की डीएम के साथ शीघ्र वार्ता कराई जाएगी। जल्दी ही जिले में मजरों के विद्युतीकरण का काम शुरू कराया जाएगा।
-एसके ओझा, एक्सईएन पावर कॉर्पोेरेशन बलरामपुर