जिले में बिना पंजीयन व लाइसेंस के फूड आइटम बनाने वाली 300 फै क्ट्रियां चल रही हैं। अधिक मुनाफाखोरी के चक्कर में चालाक कारोबारियों की ओर से बाजार में मिलावटी खाद्य वस्तुएं खपाई जा रही हैं। मिलावटखोरी रोकने के मामले में फूड सिक्यिोरिटी एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफएसडीए ) लकीर का फकीर बना सिर्फ नमूने लेने तक सीमित रहा। विभाग की कार्रवाई के खौफ में मिलावट पर अंकुश नही लग पा रहा है।
दो साल पहले सरकार ने किसी भी तरह के खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों के लिए फूड सिक्यिोरिटी एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के तहत पंजीयन लाइसेंस लेना जरूरी कर दिया है। इसका उद्देश्य मिलावटी खाद्य वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाना था। लेकिन इस नये नियम को अमल में पूरी तरह नहीं लाया जा सका। कारोबार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिले के हर कस्बे व शहर के कई इलाकों में कई तरह के खाद्य वस्तुएं बनाने की फैक्ट्रियां संचालित हैं। महंगाई के इस दौर में अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी खाद्य वस्तुओं का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। विभाग कारोबारियों का पंजीयन करा पाने में नाकाम रहा है।
किन खाद्य वस्तुओं की कहां चल रहीं फैक्ट्रियां
* बिस्किट - महराजगंज, झंझरी, पटेल नगर, बड़गांव , रानी बाजार ।
* नमकीन - मालवीय नगर, पटेल नगर, तिवारी पुरवा महराजगंज, रानी बाजार, जानकी नगर।
* मिठाईयां - सिविल लाइन, चौक बाजार, पटेल नगर, रानी बाजार , महराजगंज, बड़गांव ।
* दूध/दही - सिविल लाइन, रानी बाजार , चौक बाजार, जानकी नगर ।
* खोया - चौक बाजार, रोडवेज मण्डी, बहराइच रोड, बड़गांव ।
ये हैं नियम
गोंडा। फूड सिक्योरिटी एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफएसडीए) के तहत किसी भी तरह के खाद्य वस्तुओं की की बिक्री करने, उसको बनाने या फिर उसके प्रोसेसिंग के किसी भी स्तर पर कार्य करने वाले व्यक्ति या फर्म को एफएसडीए से पंजीयन लाइसेंस लेना जरूरी है। ताकि विभाग को पता चल सके कि उक्त स्थान पर किस खाद्य वस्तु का निर्माण या बिक्री की जा रही है। ताकि वह समय पर उसके नमूने लेकर जांच करा सके कि कहीं लोगों में बेची जा रही वस्तु हानिकारक तो नहीं है। इसके लिए आवेदक को 100 रुपये में पंजीयन का विभाग से लाइसेंस देने की व्यवस्था है।
मिलावट पाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान
* विभाग के अधिकारियों की ओर से बेची जा रही खाद्य वस्तुओं को नष्ट कराना ।
* नमूने के जांच में फेल आने पर वाद दायर कर पांच हजार से पांच लाख रुपये तक जुर्माना वसूल करना।
* जानलेवा वस्तुओं की मिलावट पर कारावास का भी प्रावधान है।
जागरूकता के अभाव में मिलावटी वस्तुएं ले रहे उपभोक्ता
गोंडा। मिलावटी खाद्य वस्तुओं में मिलावट पर रोक लगाने के सभी प्रयास बेअसर साबित हो रहे हैं। जागरूकता के अभाव में लोग मिलावटी खाद्य पदार्थ लेने को मजबूर हैं। विभाग की ओर से पिछले कई सालों से एक बार भी उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए कभी न तो कोई गोष्ठी कराई जाती न ही लोगों को पर्चा पम्पलेट देकर जागरूक किया जा रहा है। विभाग का रोना है कि सरकार की ओर से प्रचार प्रसार व जागरूकता के बाबत कोई मद नही है। ऐसे में प्रचार प्रसार संभव नही है।
खाद्य वस्तुओं का कारोबार करने वालों के खाद्य वस्तुआें के नमूनों की जांच कराई जा रही है। कारोबारियों को लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। लगातार छापेमारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
-केके उपाध्याय, सीएफएसओ गाेंडा।