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3.37 लाख बच्चों को मिलेंगे स्कूल बैग

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गोंडा के बभनजोत ब्लाक संसाधन केंद्र में बच्चों को स्वेटर बांटते विधायक प्रभात वर्मा। - फोटो : GONDA
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गोंडा। बेसिक शिक्षा के स्कूलों में बच्चों को तो नही बुलाया जा रहा है लेकिन विभाग की योजनाओं की सुविधाओं से नौनिहाल निहाल हो रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान का राशन और कनवर्जन कॉस्ट बच्चों को दिया गया है। इसके साथ ही अब तक डेढ़ हजार स्कूलों में अब तक दो लाख नौनिहालों को ठंड के समय में स्वेटर मिल चुका है और वितरण लगातार जारी है।
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हलधरमऊ में विधायक बावन सिंह और गौरा में प्रभात वर्मा ने बच्चों को स्वेटर वितरित किया है। स्वेटर मिलने से बच्चों के साथ ही उनके परिवार के लोग भी गदगद हैं। वहीं अब बच्चों को स्कूल बैग देने के लिए 4 करोड़ 55 लाख से अधिक का बजट जारी हो गया है। जल्द ही बच्चों को स्कूल बैग भी मिल जाएगा।
जिले के तीन हजार से अधिक स्कूलों में कोरोना संकट के कारण बच्चों को घर पर ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसके साथ ही विभाग की योजनाओं से बच्चों को काफी राहत मिल रही है।
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दो लाख से अधिक बच्चों को ठंड में स्वेटर दिया जा रहा है। वहीं अब स्कूल बैग भी देने की कवायद शुरू हो गई। बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति कहते हैं कि शासन ने बजट जारी कर दिया है। स्कूल बैग राज्य स्तर से ही आना है, आते ही वितरण करा दिया जाएगा।
बताया कि इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है, दीक्षा एप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। बीएसए का दावा है कि बच्चों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए योजना भी तैयार की जा रही है। बच्चों को किताबें भी उपलब्ध करा दी गई है। अब जो भी योजनाएं हैं उससे बच्चों को जोड़ा जा रहा है।
हलधरमऊ व गौरा में विधायक ने शुरू किया वितरण, की सराहना
जिले के हलधरमऊ में विधायक बावन सिंह ने प्राइमरी स्कूल गद्दोपुर में बच्चों को स्वेटर वितरण किया। उन्होंने योजना की सराहना किया। कहा कि ठंड के समय में गरीब बच्चों के लिए यह योजना काफी कारगर है। इससे लोगों की समस्या दूर हुई है।
गौरा विधायक प्रभात वर्मा ने बभनजोत में स्वेटर वितरण के दौरान विभाग की ओर से बच्चों को स्वेटर दिए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं। यह बेहतर कार्य है और इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति जुड़ाव बना हुआ है।
स्कूलों के विकास के लिए बन रही है तीन साल की कार्य योजना
परिषदीय स्कूलों के विकास की योजना तीन साल की तैयार हो रही। तीन हजार स्कूलों की योजना बन रही है। जिसमें बच्चों की पढ़ाई सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही स्कूलों को नया लुक देने की तैयारी हो रही है। स्कूलों को लाइब्रेरी के साथ ही बिजली व पानी आदि की सुविधा देने पर योजना बन रही है। इसके लिए बजट भी तय होगा और राज्य स्तर से इसकी तैयारी हो रही है। जिले के 16 ब्लाकों के शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों को स्वेटर दिए जा रहे हैं और स्कूल बैग देने की तैयारी हो रही है। राज्य स्तर से आते ही वितरण करा दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों के विकास की योजना बनाई जा रही है।
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- डॉ. इंद्रजीत प्रजापित, बीएसए
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