गोंडा। बारिश के बाद जिले में वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज की फिजीशियन की तीन ओपीडी में वायरल बुखार के करीब 280 मरीजों का उपचार हुआ। अस्पताल में तीन मरीजों को भर्ती कराया गया।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार से पीड़ित थे। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एजाज अहमद भी रविवार को वायरल बुखार की चपेट में आ गए। जांच कराने पर प्लेटलेट्स काउंट भी घटकर 85000 पहुंच गई। इसी प्रकार विभाग की तीनों ओपीडी में 280 से अधिक वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों का इलाज किया गया। करीब 150 मरीजों के खून की जांच कराई गई। फिजीशियन डॉ. रमेश पांडेय ने बताया कि बरसात के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। मच्छरजनित बुखार के मरीज अधिक आते हैं।
फाॅगिंग न होने से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
बुखार फैलने की एक वजह फाॅगिंग नहीं होना भी बताया जा रहा है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हो रही है। यहां तक की सीएमओ कार्यालय व मेडिकल कॉलेज के पास भी महीनों से गंदा पानी भरा हुआ है।
बदलते मौसम में करें बचाव
-बरसात के बाद मौसम लगातार बदल रहा है। इसमें बीमारी से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। ईएमओ डॉ. अरिहंत मिश्र ने बताया कि मच्छरों से बचाव करें। खुले में लगे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। बासी भोजन, ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें। दो दिन से अधिक बुखार होने या तीन बार उल्टी होने पर तत्काल डॉक्टर का परामर्श लें।