न्यायालय के आदेश से आहत शिक्षामित्रों को कोई माकूल जवाब व आश्वासन न मिलने पर दूसरे दिन मंगलवार को शिक्षामित्रों ने करीब 250 स्कूलों में तालाबंदी कराकर प्रदर्शन किया। यहां तक कि उन्होंने जूनियर के स्कूल में भी तालाबंदी कराकर बच्चों को घर जाने को कहा। शिक्षामित्रों का आक्रोश थम नहीं रहा है। इसके अलावा प्रत्येक बीआरसी पर बैठक कर शिक्षामित्रों ने आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई है।
झंझरी व पंडरीकृपाल ब्लॉक में शिक्षामित्र पवन कुमार दूबे के नेतृत्व में चार दर्जन शिक्षामित्रों ने क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में पहुंच कर तालाबंदी करवा दी। इन शिक्षामित्रों ने क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय इमिलिया रूपी, बेलावां, रमवापुर, मूड़ाडीहा, पिपरा भिटौरा, नौबरा, मुरावनपुरवा, लखई पुरवा, टिकरिया व सोनवरसा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर नारेबाजी की।
कपिसा में एक प्रशिक्षु शिक्षक के विरोध करने पर उनसे कहासुनी भी हुई। प्रदर्शन के दौरान रामधन, सतगुर, राम लोचन, अवधेश सिंह, राजेश सिंह, रामकुमार, राम विनायक आदि शिक्षामित्र उपस्थित रहे। इसके अलावा जिन विद्यालयों में शिक्षामित्र ही अकेले अध्यापक थे, उनमें भी तालाबंदी रही।
शिक्षामित्र न ही विद्यालय गए और न ही वहां का ताला खुला। बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी शिक्षामित्रों के स्थान पर स्कूल संचालन का जिम्मा भी किसी को नहीं दिया है। ऐसे में जिले में करीब 250 स्कूलों में तालाबंदी रही।