गोंडा। जिले में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए अब 23 विभाग मिलकर काम करेंगे। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मिशन रोजगार के तहत जिला कार्यकारी समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। डीडीओ सुशील कुमार ने सभी विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। साथ ही शासन की मंशा के अनुसार बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने के लिए रणनीति बनाई गई है।
पिछले दिनों में प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में रोजगार मिशन शुरू किया है। इसी के तहत पहली बार जिला कार्यकारी समिति का गठन कर बैठक आयोजित की गई। इसमें डीएम को अध्यक्ष व सीडीओ को उपाध्यक्ष नामित किया गया। वहीं, सचिव सदस्य के तौर पर जिला सेवायोजन अधिकारी काम करेंगे। हर माह डीएम की अध्यक्षता में ही बैठकें आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सहायक जिला सेवायोजन अधिकारी गुलाब चंद्र मौर्य ने बताया कि रोजगार मिशन के तहत जिला प्रशासन की अगुवाई में सरकारी व निजी क्षेत्रों में युवाओं को नौकरी दिलाई जाएगी। सभी विभाग अपने-अपने स्तर से बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के लिए प्रयास करेंगे। साथ ही सेवायोजन कार्यालय से रिक्तियों की जानकारी साझा करेंगे। इससे सेवायोजन विभाग युवाओं को प्लेसमेंट की सुविधा दे सकेगा।
बैठक में डीडीओ सुशील कुमार श्रीवास्तव, मनरेगा डीसी जनार्दन प्रसाद यादव, सहायक श्रमायुक्त मुहम्मद अब्बास, डीआईओएस डॉ. रामचंद्र आदि मौजूद रहे।
युवाओं को मिलेगी सहूलियत
अधिकारियों ने बताया कि मिशन रोजगार के तहत एकीकृत पोर्टल से जहां युवाओं को नौकरी मिलने में आसानी होगी। वहीं, शैक्षणिक संस्थानों में अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही उत्तीर्ण होने से पूर्व कैंपस प्लेसमेंट का भी आयोजन किया जाएगा। एक ही पोर्टल पर सभी तरह के अभ्यर्थी पंजीकृत होंगे।