अंतिम दिन बैंकों में कर्मचारी करते रहे ग्राहकों का इंतजार
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बैंकों में 500 व 1000 के पुराने नोट जमा करने की समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई। पुराने नोट जमा करने के आखिरी दिन शुक्रवार को बैंक में कर्मचारी ग्राहकों का इंतजार करते रहे। पुराने नोट जमा करने के आखिरी दिन सभी बैंकों में सन्नाटे का माहौल रहा। बैंकों में रोजाना की तरह भी शुक्रवार को बैंकों में भीड़ नहीं दिखी। वैसे सरकार की ओर से तय किये गये पुराने नोटों के चलन के 50 दिन में जिले में करीब 2200 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
सरकार की ओर से 08 नवम्बर को 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट बन्द कर दिये जाने के बाद से बैंकों में पुराने नोट बदलने की होड़ मच गई थी। इसके अलावा नोट बंदी के बाद उपजे कैश किल्लत से परेशान लोगों को बैंक से पैसे निकालने के लिए दिन भर बैंकों की लाइन में जूझना पड़ रहा था।
लेकिन बैंकों में अब भीड़ नहीं दिख रही है। वहीं शुक्रवार को नोट बंदी के 50 दिन बाद बैंकों में पर्याप्त कैश पहुंचने लगा है, जबकि जिले में अब तक करीब 2200 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा किए जा चुके हैं। सरकार की ओर से 30 दिसंबर तक 500 व 1000 रुपये के नोट बदलने का आखिरी घोषित किया गया था। लेकिन बैंकों में आखिरी दिन भीड़ उमडने से उलट दिखा।
रोजाना जोरदार भीड़ रहने वाले नगर के स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में शुक्रवार को 11.00 बजे सन्नाटा रहा। दो काउंटर पर पैसा निकालने व जमा करने की 10-10 मौजूद रहे। बैंक में पुराना नोट जमा करने वाला कोई व्यक्ति काउंटर पर नहीं दिखा। एसबीआई के चीफ मैनेजर पंकज कुमार ने बताया कि आज तो बैंक में सामान्य स्थिति है। पुराने नोट जमा करने वाले लोगों की तादाद भी निल दिख रही है।