घाघरा में समाए 150 आशियाने
तीन स्थानों पर कटी सड़क, दो पुलिया समेत दर्जनों बिजली के पोल पानी में बहे
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही घाघरा नदी ने शनिवार को करनैलगंज क्षेत्र में तबाही मचाई। बढ़ते जलस्तर व पानी के तेज बहाव के कारण नदी के मुहाने पर बने बहुवन मदार माझा गांव के 150 आशियाने शनिवार को नदी की धारा में समा गए। पानी के तेज बहाव से क्षेत्र में तीन स्थानों पर सड़कें कट गई और दो पुलिया समेत दर्जनों बिजली के पोल घाघरा के पानी में बह गए। बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकल कर घाघरा का पानी अब मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ने लगा है। वहीं शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 468 तक पहुंच गई है।
करनैलगंज में घाघरा नदी की विनाशलीला दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। बैराजों में छोड़े जा रहे पानी से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को भी घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर रहा। बाराबंकी जिले के 14 मजरों समेत 42 नए मजरे शनिवार को बाढ़ की चपेट में आ गए जिससे बाढ़ प्रभावित मजरों की संख्या बढ़कर 468 हो गई है। नदी के जलस्तर में ही रही बढ़ोत्तरी के चलते घाघरा नदी के पानी ने अब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकलकर मैदानी इलाकों का रुख कर लिया है। इससे इस क्षेत्र में भीषण तबाही की आशंका बलवती हो गई है। बाढ़ से निपटने में जिला प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे हैं। घाघरा नदी के मुहाने पर बसे बहुवन मदार माझा समेत नकहरा, काशीपुर, घरकुंइया, प्रतापपुर व अतरसुुइया गांव के करीब 150 लोगों के कच्चे व फूस के आशियाने शनिवार को घाघरा की धारा मे समा गए। टेंगनहा से गोडिय़नपुरवा जाने वाली सड़क पानी के तेज बहाव से करीब 25 मीटर तक कट गई साथ ही इस मार्ग पर बनी पुलिया भी बह गई। बहुवन मदार मांझा में भी सड़क कट गई और पुलिया बह गई। इस सड़क पर करीब तीन फिट ऊपर से पानी बह रहा है। टेंगनहा, घरकुुंइया व रेक्सडिय़ा में दर्जनों बिजली के पोल पानी के तेज बहाव से उखड़कर गिर गए। सड़कों के कटने से लोगो को आवागमन में दिक्कक्तों का सामना करना पड़ रहा है और बंधे पर शरण लिए लोगों को भी कठिनाई हो रही है। हालांकि प्रशासनिक अफसर आशियानों के नदी में समाने वाली घटना की आधिकारिक पुष्टि करने से कतरा रहे हैं। शनिवार को जब उनसे इस संबंध में सवाल किया गया तो वह सर्वे करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ते नजर आए।
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आज आएंगे सीएम, बंधे पर डटे रहे अफसर
करनैलगंज। दो दिन पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सीएम का दौरा टलने पर राहत की संास लेने वाले अफसरों की टेंशन शनिवार को फिर से बढ़ गई। रविवार को सीएम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए जिले के दौरे पर आ रहे हैं। सीएम करनैलगंज के घाघरा नदी से हो रही भीषण तबाही को अपनी आखों से देखेंगे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरण के नाम हो रहे खेल की हकीकत कों भी परखेंगे। शनिवार को जैसे ही सीएम के दौरे के खबर दोबारा जिले में पहुंची अफसर आनन फानन में भागकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में जा पहुंचे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए करनैलगंज आ रहे हैं। सीएम के आगमन की तैयारी को लेकर शनिवार को डीएम जेबी सिंह,एसपी उमेश कुमार सिंह समेत अन्य प्रशासनिक अफसर बाढ़ राहत केंद्र पाल्हापुर पहुंचे। यहां अफसरों ने हेलीपैड समेत पीड़ितों कं लिए चलाए जा रहे राहत कैंपों का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिए।
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डीएम से मिले कांग्रेसी नेता
करनैलगंज। शनिवार को बाए़ प्रभावित इलाके का जायजा लेने आए जिलाधिकारी जेबी सिंह से कांग्रेस पार्टी के प्रदेश संगठन प्रभारी हनुमान त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष बीएल चौबे व करनैलगंज विधानसभा प्रभारी त्रिलोकीनाथ तिवारी ने मुणलाकात की। कांग्रेसी नेताओं ने डीएम से बाढ़ का पानी फिर से नदी में पहुंचाने के लिए चरसड़ी व पंचवटी के पास रेगुलेटर बनवाने की मांग की। बाढ़ प्रभावित सभी मजरों में एक-एक नाव लगाये जाने की भी मांग कांग्रेस के नेताओं ने की। इस दौरान अब्दुल रहमान, बृजेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, अखिलेश वर्मा, राकेश मोहन तिवारी व लालू सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।