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Gonda News: यूपी कोऑपरेटिव बैंक में 21.47 करोड़ का घोटाला

Tue, 13 Jan 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑडिट और आंतरिक जांच की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर नगर कोतवाली में 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक, बैंककर्मी और खाताधारक शामिल हैं। इसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार ऋण वितरण से पहले न तो आवेदकों की पात्रता की जांच की गई और न ही आय प्रमाणपत्र, जमानत मूल्यांकन रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। कई मामलों में फर्जी और कूटरचित अभिलेखों के आधार पर ऋण स्वीकृत कर दिए गए। शाखा स्तर पर बैंक नीति और आरबीआई के दिशा-निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
जांच में पाया गया कि बैंक के पांच आंतरिक खातों से अवैध रूप से 46.13 लाख रुपये डेबिट करके विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए गए और बाद में इस धनराशि को निकालकर गबन कर लिया गया। साथ ही खाताधारकों की 2,101.65 लाख रुपये की धनराशि को विभिन्न बैंकिंग चैनलों के माध्यम से स्थानांतरित कर दुरुपयोग किया गया। इस प्रकार कुल 2147.78 लाख रुपये, यानी 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के गबन की पुष्टि ऑडिट रिपोर्ट में हुई है।
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जांच में यह भी उजागर हुआ कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के खातों का भी उपयोग किया। ऋण वितरण के नाम पर निकाली गई धनराशि को माता, पत्नी और पुत्र के खातों में भेजा गया। यह गड़बड़ी दिसंबर 2021 से जून 2025 के बीच विभिन्न चरणों में हुईं। इस अवधि में अलग-अलग समय पर तैनात रहे शाखा प्रबंधकों व कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में पाई गई है।
उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के सहायक महाप्रबंधक भुवनचंद्र सती ने एसपी को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। इसके आधार पर नगर कोतवाली में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक, सहायक/कैशियर सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना, विश्वासघात और बैंकिंग नियमों के उल्लंघन से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
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इनकी हुई नामजदगी
पवन कुमार पाल – तत्कालीन शाखा प्रबंधक
अजय कुमार – तत्कालीन शाखा प्रबंधक
सुशील कुमार गौतम – तत्कालीन शाखा प्रबंधक
पवन कुमार – तत्कालीन सहायक/कैशियर
सुमित्रा पाल – खाताधारक
संजना सिंह – खाताधारक
राज प्रताप सिंह – खाताधारक
जय प्रताप सिंह – खाताधारक
फूल मोहम्मद – खाताधारक
राघव राम – खाताधारक
शिवाकांत वर्मा – खाताधारक
रितेंद्र पाल सिंह – खाताधारक
गीता देवी वर्मा – खाताधारक
दुष्यन्त प्रताप सिंह – खाताधारक
मोहम्मद असलम – खाताधारक
प्रतीक कुमार सिंह – खाताधारक
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