गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 के लिए प्रधान, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य पदों के आरक्षण की कार्रवाई 20 फरवरी से शुरू होनी है। इसके लिए जिले के 16 ब्लॉकों में 21 जिला स्तरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इनकी निगरानी में 1214 प्रधान, 1612 बीडीसी सदस्य, 65 जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही 15410 पंचायत सदस्यों का आरक्षण तैयार होना है। आरक्षण तैयार करने के लिए नोडल अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों तथा एडीओ पंचायतों का दो दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में शुरू हुआ है।
प्रशिक्षण मेें जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने संबंधित अधिकारियों को त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के लिए स्थान व पद के आरक्षण के संबंध में शासनादेश के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि निर्देशों को पूरी तरह पढ़ लें और समझ लें। इसके अनुसार आरक्षण सूची तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद सभी नोडल अधिकारियों को शपथ पत्र देना है कि उनकी ओर से आरक्षण सूची तैयार करने में नियमों का निष्पक्ष ढंग से शत-प्रतिशत पालन किया गया है।
यदि आरक्षण सूची तैयार करने में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत मिली और उसकी पुष्टि हुई तो संबंधित नोडल अधिकारी, बीडीओ तथा एडीओ पंचायत की जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशानुसार निर्भीक, स्वतंत्र व निष्पक्ष निर्वाचन कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने कहा कि आरक्षण सूची तैयार करते समय नियमों की अनदेखी कतई न होने पाए। जिससे पंचायत चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जा सके। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी, डीडी पंचायत एसएन सिंह, डीपीआरओ सभाजीत पांडेय, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आदि मौजूद रहे।
14 मार्च को जारी होगी अंतिम सूची
त्रिस्तरीय पंचायतों के आरक्षण के लिए शासन ने समय सारिणी तय कर रखी है। जिले पर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण 18 से 19 फरवरी को होगा। इसके बाद 20 फरवरी से एक मार्च तक प्रधानों के आरक्षण के साथ ही ग्राम पंचायत, जिला व क्षेत्र पंचायत के सदस्य पदों के आरक्षण का प्रस्ताव जिलाधिकारी तैयार करेंगे। इसके बाद 2 से 3 मार्च के बीच आरक्षण सूची प्रकाशित की जाएगी। 4 से 8 मार्च तक आपत्तियां ली जाएंगी और इनका निपटारा 12 मार्च तक करके आरक्षण की अंतिम सूची तैयार होगी। 14 मार्च तक अंतिम सूची जारी कर 15 मार्च को रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पंचायत चुनाव की स्थिति पर एक नजर
1214 जिले में कुल ग्राम पंचायतें
10 ग्राम पंचायतों में नहीं होंगे प्रधान व सदस्य के चुनाव
1204 ग्राम पंचायतों में होंगे सभी पदों के लिए चुनाव
1612 क्षेत्र पंचायत सदस्य के वार्ड
15410 ग्राम पंचायत सदस्य के वार्ड
65 जिला पंचायत सदस्य के वार्ड
प्रधान पद के लिए आरक्षण की संख्या तय
जिले में प्रधान पदों के लिए आरक्षण की संख्या तय कर दी गई है। आबादी कम होने के कारण अनूसूचित जनजाति के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं होगी। इसके अलावा अनूसूचित वर्ग की महिलाओं के लिए 71 व अनूसूचित वर्ग के लिए 127 पद आरक्षित होंगे। इसके अलावा अन्य पिछडे़ वर्ग की महिलाओं के लिए 112 व पुरुष व महिला दोनों के लिए 209 पद आरक्षित किए जाएंगे। वहीं सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 226 सीटें आरक्षित होंगी और 469 सीटें अनारक्षित होंगी।
इस प्रकार तय होगा सीटों का आरक्षण
पंचायत चुनाव के आरक्षण में पहले एसटी महिला, फिर एसटी महिला/पुरुष के लिए सीटें तय होनी हैं। जिले में इस वर्ग के लोगों के न होने से सीटें तय नहीं होती हैं। इसके बाद एससी महिला, फिर एससी महिला/पुरुष के लिए सीटें तय करनी है। इसमें 21 फीसदी सीटें आरक्षित होंगी, जिसमें एक तिहाई पद महिलाओं के लिए तय होंगे। ऐसे ही ओबीसी के लिए 27 फीसदी पदों पर आरक्षण होगा, जिसमें एक तिहाई पद महिला, फिर शेष पदों पर ओबीसी महिला/पुरुष दोनों के लिए आरक्षित होंगे। इनमें महिलाओं के लिए एक तिहाई पदों का आरक्षण पूरा न होने पर अनारक्षित कोटे में सीटें तय की जाएंगी। इसके बाद शेष पद अनारक्षित सीटें तय की जाएंगी।