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अभिलेखों की हेराफेरी की जांच के दायरे में 600 शिक्षक 17-41-59

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गोंडा। शिक्षक भर्ती में अभिलेखों की हेराफेरी की जांच के दायरे में 600 अध्यापक आ गए हैं। इनके अभिलेख जांच कमेटी के अध्यक्ष मुख्य राजस्व अधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांगे हैं। बीएसए दफ्तर में शिक्षकों के अभिलेखों की कुंडली तैयार कर ली गई है।
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वैसे मुख्य राजस्व अधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक भर्ती में अनियमितता की जांच के लिए शासन से आदेश मिले हैं। अभिलेखों की जांच की जाएगी। अभी पूरी तरह से उन्हें अभिलेख नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अभिलेखों के साथ ही भर्ती प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। बताया कि जांच में देरी की वजह अभिलेख न मिलना है। इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी जाएगी।

वर्ष 2015 से अब तक बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्तियां हुई हैं। इनमें 16448 शिक्षक भर्ती बीते साल में हुई और इसके तहत जनपद में 600 शिक्षकों की नियुक्तियां की गईं। इस भर्ती से नियुक्त हुए शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन हुआ तो करीब 17 शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
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इन शिक्षकों को बर्खास्त करने के साथ ही प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई भी हुई। इस खुलासे के बाद शासन ने गंभीर रुख अपनाया और शिक्षक भर्तियों में अनियमितता की जांच के लिए सीआरओ और एएसपी की संयुक्त टीम बनाई। एक माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन शिक्षक भर्तियों के अभिलेख टीम को नहीड्ड मिल पाए हैं।

सीआरओ का कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही जिला स्तर पर चयन समिति के भूमिका की भी जांच की जानी है। अभिलेख न देने पर वे खुद चौंक रहे हैं कि अब फिर से अभिलेख मांगे जाएंगे। वैसे 16448 शिक्षक भर्ती के 600 शिक्षकों के अभिलेखों की पत्रावलियां बीएसए दफ्तर में तैयार हो गई हैं। विभाग का दावा है कि जांच के लिए अभिलेख जांच टीम को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जांच के बाद शिक्षक भर्तियों में बड़े खुलासे कर दिए जाएंगे।

सत्यापन में ढिलाई से हो रहा है फर्जीवाड़ा
शिक्षक भर्ती में अभिलेखों के सत्यापन में ढिलाई होने से फर्जीवाडे के आसार बढ़ जाते हैं। विभाग में 72825 शिक्षक भर्ती के तहत 3400 से अधिक शिक्षकों की भर्तियां जिले में वर्ष 2015 में ही हुई थीं, लेकिन सत्यापन अब तक सभी का पूरा नही हो पाया है। इसी तरह उर्दू शिक्षक भर्ती रही हो या फिर 16448 शिक्षक भर्ती हो। इसी तरह जूनियर हाईस्कूलों में 600 के करीब सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां हों। इन सबके सत्यापन में एक से दो वर्ष का वक्त लगा। ऐसे में फर्जीवाड़े के आसार तो बढ़ जाते हैं और इसी से सही नियुक्ति वालों को भी परेशान होना पड़ता है।

नियुक्ति के बाद अभी नहीं शुरू हुई सत्यापन की कार्रवाई
इस साल भी हुई शिक्षक भर्ती में करीब 600 लोगों की नियुक्तियां हुईं हैं। एक महीने बीतने को है, लेकिन अभी तक अभिलेखों के सत्यापन की कार्रवाई शुरू नही ंहो पाई है। शिक्षक भर्तियों में फर्जीवाडे के खुलासों के बाद भी सत्यापन के लिए गंभीर न होने चौंकाने वाला है। बताया जा रहा है कि इससे एक बार शिक्षकों को कई दिक्कतों का सामना करना पडे़गा। इस बार तो शासन ने चारो ंडिग्रियों के सत्यापन पर वेतन आदेश जारी करने का आदेश दे रखा है इससे सत्यापन देरी होने पर शिक्षकों को वेतन मिलने में देरी होगी। फिलहाल विभाग अभी गंभीर नहीं दिख रहा है।

शिक्षक भर्ती में अनियमितता की जांच की जा रही है। सभी अभिलेख मिलने के बाद उनकी छानबीन होगी और जांच की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए बनी समितियों के भूमिका की भी जांच होगी।
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- कुंज बिहारी अग्रवाल, मुख्य राजस्व अधिकारी
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