काजी ने थाने में पढ़ाया निकाह, दूल्हा-दुल्हन बोले कुबूल है
गोंडा। दो साल पहले शरू हुई मोहब्बत लड़का और लड़की के परिवार वालों के विरोध के चलते परवान नहीं चढ़ पा रही थी। लेकिन दोनों परिवार का विवाद जब सोमवार को कोतवाली करनैलगंज पहुंचा तो दो दरोगाओं के समझाने पर परिवार वाले दोनों के निकाह के लिए तैयार हो गए।
इसके बाद थाने में ही काजी बुलाया गया और दोनों का निकाह पढ़ाया। काजी के पूछने पर दूल्हा-दुल्हन बोले निकाह कुबूल है।
कोतवाल वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि थाना कटरा बाजार क्षेत्र के गौरिया ठाकुरहन पुरवा के रहने वाले सुभान अली के बेटे सद्दाम को करनैलगंज क्षेत्र के गोरवा गांव के मजरे नंदलाल पुरवा के रहने वाले मुख्तार अहमद की बेटी अख्तरजहां से दो साल पहले मोहब्बत हो गई थी।
दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ती इसी बीच एक साल पहले दोनों के परिवार वालों वालों को किसी ने उनकी मोहब्बत की दास्तां सुना दी। इससे दोनों ही परिवार के लोग इसके विरोध में उतर आए और दोनों को दूर कर दिया।
आसपास के लोगों ने दोनों ही परिवार के लोगों को सद्दाम और अख्तरजहां का निकाह कराने के लिए समझाने का प्रयास किया, मगर वह नहीं माने। दोनों परिवार के बीच चल रहा विवाद बढ़कर सोमवार को कोतवाली करनैलगंज पहुंच गया।
कोतवाल ने बताया कि उन्होंने थाने के दरोगा कादिर व आलम खां को मामले के निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी। तकरीबन दो घंटे तक चली पंचायत के बाद दोनों दरोगाओं की मेहनत रंग लाई और दोनों परिवार के लोग दोनों का निकाह कराने पर राजी हो गए।
इसके बाद दुल्हा-दुल्हन सजाए गए और काजी जाबिर अली थाने में ही दोनों का निकाह पढ़वाया। काजी के पूछने पर दूल्हा-दुल्हन बोले निकाल कुबूल है। इसके बाद खुशियों में मिठाई बांटी गई।