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648 आवास बनकर तैयार, नहीं हो सका आवंटन

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648 आवास बनकर हो रहे बेकार
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गोंडा। जिले में शहरी गरीबों को आवास आवंटित करने की मंशा अधिकारियों की लापरवाही से पूरी नहीं हो पा रही है। आसरा आवास योजना के तहत 26.36 करोड़ रुपये की लागत से शहरी क्षेत्र में 600 मकान बनकर तैयार हैं। सपा सरकार के कार्यकाल में शहरी क्षेत्र के गरीबों के लिए मकान का निर्माण कराया गया।

लेकिन अभी तक गरीबों को आवंटित नहीं हो सका है। बीते दो साल से आवंटन के लिए तारीख पर तारीख हो रही है, सरकार बदल गई, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1000 आवास का निर्माण होना है जिसमें इस वित्तीय वर्ष में 480 आवास का प्रोजेक्ट पास हो गया है। आवास के लिए जमीन भी प्रशासन ने मुहैया करा दिया है।

शहरी गरीबों के लिए तीन एकड़ में पक्का मकान बनाया जाएगा। जिसमें सरकार द्वारा 250000 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा और बाकी बचे पैसे को प्रत्येक महीने मकान स्वामी को देने होंगे।

अभी तक प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत 480 मकानों के लिए 220 लोगों ने आवेदन किया है।
इनसेट
शहरी आवास योजना आवास
काशीराम आवास योजना 1600
आसरा आवास योजना 648
पीएम आवास योजना 480

प्रशासन आवंटन कराने में असमर्थ
सपा सरकार के कार्यकाल में कांशीराम शहरी आवास योजना का नाम बदलकर आसरा आवास योजना किया गया था। जिसका निर्माण नगर क्षेत्र के ग्राम परेड सरकार के मोहल्ला पंतनगर में 4.02 एकड भूमि में निर्माण किया गया। निर्माण कार्य पूरा हुए 2 वर्ष बीत गए, लेकिन अभी तक आवंटन नहीं हो पाया है।

जिसके कारण आवेदन करने वाले टकटकी लगाए बैठे हैं। कब तक खुली छत के नीचे रहना पड़ेगा, गर्मी, बरसात और ठंड में कैसे जीवन यापन किया जा रहा है। 2016 में आधे अधूरे आवासों को ही आवांटित कर दिया गया था।

तब से यही खेल होता आ रहा है। कुछ दिन पहले आसरा आवास में अवैध लोगों का कब्जा हो गया था। जिसको जिला प्रशासन द्वारा खाली कराया गया।

कार्यदायी संस्था ने अभी नहीं किया हैंडओवर
गोंडा नगर सहित अन्य नगरीय क्षेत्रों में गरीबों के लिए 648 आसरा आवास बन गए हैं। कार्यदायी संस्था ने अभी तक आवास निर्माण का कार्य पूरा कर हैंडओवर नहीं किया गया है।
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कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने 15 दिनों में आवास को हैंडओवर करने को कहा है। हैंडओवर होते ही आवंटन का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। पीएम आवास योजना के तहत 2022 तक शहरी क्षेत्रों में एक हजार आवास बनाने हैं। इसमें से 480 के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है।
-विनोद सिंह, पीओ डूडा
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