अनाज घोटाले का मुख्य आरोपी नाटकीय ढंग से गिरफ्तार
गोंडा। जिले के चर्चित करोड़ों रुपये के अनाज घोटाले के मामले में मुख्य आरोपी को क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
क्राइम ब्रांच की टीम ने अनाज घोटाले के मास्टर माइंड धर्म प्रकाश को वजीरगंज के झिलाही बाजार मोड़ से गिरफ्तार करने का दावा किया है। टीम ने उसे दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
25 दिन पहले जिले के वजीरगंज ब्लॉक के बंधवा गांव के पास एक एक निजी गोदाम में जिला प्रशासन व एक जनप्रतिनिधि सहयोग से करोड़ों रुपये के सरकारी अनाज को डंप कर कालाबाजारी में बेचे जाने का मामला पकड़ा गया था।
इस मामले में आपूर्ति विभाग के क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक महेश प्रसाद की ओर से वजीरगंज थाने में गोदाम मालिक पवन सिंह, गोदाम संचालक धर्म प्रकाश व सुहेल अहमद व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जिला प्रशासन ने इस मामले में पुलिस की चार टीमों को जांच के अलावा गिरफ्तारी के लिए लगाया था। पुलिस आरोपियों की बड़ी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। इसी बीच में गोदाम प्रभारी पवन सिंह ने जैक लगाकर कोर्ट पहुंच गया।
उसे वहां से अरेस्ट का स्टे आर्डर मिल गया। इतना ही नही यही देखकर सुहेल अहमद ने भी न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की कोशिश तेज कर दी है। इतने गंभीर मामले में पुलिस की सुस्ती से आरोपियों को फायदा मिलने लगा।
पुलिस की ढिलाई पर चर्चा तेज होने के बाद पुलिस टीमों ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की तो धर्म प्रकाश हत्थे चढ़ गया। शुक्रवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेजवा दिया गया।
क्राइम ब्रांच प्रभारी इंद्रजीत यादव का कहना है कि जांच अब बहुत सही दिशा में चल रही है। धर्म प्रकाश ने कई राज उगले हैं। जिस पर टीम काम कर रही है। जल्द ही और रिजल्ट हाथ लगेगा।
दूसरी ओर क्राइम ब्रांच ने खाद्य रसद विभाग के झंझरी ब्लाक के गोदाम प्रभारी भारत सिंह व खाद्य रसद विभाग के विपणन निरीक्ष जो एफसीआई के गोदाम पर बतौर डिस्पैच का काम देखता है अभय कुमार श्रीवास्तव से अभिलेखों के साक्ष्य के आधार पर पूछताछ की है। वहीं मास्टर माइंड धर्म प्रकाश की ओर से उगले राज के आधार पर पुलिस अभी कई और लोगों को दबोचेगी।
पहले ही तैयार कर ली थी गिरफ्तारी की स्क्रिप्ट
घोटाले के मास्टर माइंड धर्म प्रकाश कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश में था। जबकि यह पुलिस टीमों के जिम्मेदार व विभागीय अधिकारी इनके लोकेशन तक को ट्रेस न हो पाने का रोना रो रहे थे।
लेकिन पुलिस ने ऐसे कौन सा जादू चलाया जिसका कुछ अता पता नही चल रहा था वह पुलिस के हाथ इतनी आसानी से कैसे लग गया। जानकार सूत्रों की माने तो धर्म प्रकाश अनाज घपले का पुराना खिलाड़ी है।
उस में काफी समय से अनाज की बड़ी बड़ी खेप को इधर उधर करने की महारत थी। वह काफी समय से अनाज से जुड़े विभागों व उसके कई जिम्मेदारों से ताल्लुकात भी थे। उनके सलाह पर वह कोर्ट में सरेंडर करने का प्लान बना रखा था। दूसरी ओर पुलिस का उसके बेटे व अन्य करीबियों पर भी जानकारी लेते रहने का दबाव था।
उधर पुलिस ने भी काफी समय तक इस मामले में कुछ खास न कर पाने से खाली हाथ बैठी थी। बस क्या था पुलिस ने धर्मप्रकाश को बतौर मास्टरमाइंड घोषित कर उसकी चन्द ही घंटे में गिरफ्तार करने का दावा कर दिया। इससे लगता है कि पुलिस की इस घटनाक्रम में पहले से ही स्क्रिप्ट तैयार थी।