शिक्षकों के समायोजन में शासनादेश दरकिनार
कनिष्ठ की जगह वरिष्ठ, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का भी बदला स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सरप्लस शिक्षकों के समायोजन में शासनादेश को ही दरकिनार कर दिया। नियमों को ठेंगा दिखाते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपनी मर्जी से कनिष्ठ सरप्लस शिक्षक को समायोजित करने के बजाय वरिष्ठ शिक्षक को ही समायोजित कर दिया। वहीं जूनियर स्कूलों के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को भी हटा दिया गया। यही नही अपने चहेते शिक्षकों को समायोजन का लाभ दिलाने के लिए अफसरों ने स्कूलों की छात्र संख्या में भी जमकर हेरफेर किया।
शासन ने परिषदीय स्कूलों में कार्यरत सरप्लस शिक्षकों का अप्रैल 2017 की छात्र संख्या के आधार पर समायोजन करने का निर्देश दिया है। शासन के अपर मुख्य सचिव के निर्देशों के मुताबिक अगर किसी स्कूल में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती अधिक है तो वहां के सबसे कनिष्ठ शिक्षक को सरप्लस मानकर उसका समायोजन निकट के स्कूलों में किया जाना है। इसमें जूनियर स्कूलों में कार्यरत भाषा, गणित व विज्ञान के शिक्षकों का समायोजन नही होना है। इस निर्देश के क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 435 सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी की है। इस सूची में कई तरह की विसंगतियां सामने आई हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों ने इस सूची को तैयार करने में जमकर खेल किया। शनिवार को झंझरी ब्लाक के शिक्षकों के समायोजन के लिए आयोंजित की गई काउंसलिंग में ही अफसरों के खेल की कलई खुल गई। शासनादेश को दरकिनार कर झंझरी शिक्षा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हारीपुर नवीन में कनिष्ठ शिक्षक को न हटाकर वरिष्ठ शिक्षक को हटा दिया गया। इसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय कपूरपुर से भाषा की शिक्षिका को हटा दिया गया। अपने चहेते शिक्षकों को समायोजित कराने के लिए भी अफसरों ने छात्र संख्या मे हेरफेर किया। प्राथमिक विद्यालय लंबरदारपुरवा में 30 अप्रैल 2017 को 101 छात्रों का नामांकन था। यहां 83 की छात्र संख्या दिखाकर दो शिक्षकों को समायोजित कर दिया गया। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय विशुनागा में 131 की छात्र संख्या को घटाकर 101 कर दिया गया और एक शिक्षक को सरप्लस दिखा दिया गया। प्राथमिक विद्यालय मलारी में 110 छात्रों का नामांकन था लेकिन यहां तैनात शिक्षकों को समायोजन से बचालने के लिए बीईओ ने यहां की छात्र संख्या को बढ़ाकर 136 कर दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय बढनापुर में भी छात्र संख्या को कम कर दिया गया।
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विशिष्ट बीटीसी एसोसिएशन ने जताया विरोध
गोंडा। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने समायोजन में शासनादेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए अपना विरोध जताया है। रविवार को एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की और इन सभी विसंगतियों से अवगत कराया। एसोसिएशन ने सरप्लस शिक्षकों की सूची तैयार करने में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। विशिष्ट बीटीसी एसोसिएशन ने इस समायोजन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
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समायोजन के लिए जो सूची जारी की गई है वह शासनादेशों के मुताबिक ही है। इसके बावजूद अगर किसी शिक्षक को समायोजन से शिकायत है तो वह पूरे साक्ष्य के साथ अपना प्रत्यावेदन बीएसए कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है। शिक्षकों की समस्या का निराकरण हरहाल में किया जायेगा।
संतोष कुमार देव पांडेय,बीएसए