बिना मान्यता के मिला स्कूल तो एक लाख का जुर्माना
बेसिक शिक्षा विभाग जुटा रहा स्कूलों का ब्योरा
उमानाथ तिवारी
गोंडा। सरकार के सख्त रवैये के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों पर सिंकजा कसना शुरु कर दिया है। इन स्कूलों के संचालन पर लगाम लगाने के लिए अब जुर्माने का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए तहसीलवार टीम का गठन कर पुलिस बल के साथ इन स्कूलों की जांच की जायेगी और बिना मान्यता के संचालित होने वाले स्कूलों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से उनके क्षेत्र में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों का ब्योरा तलब किया है।
जिले भर में करीब 400 स्कूल ऐसे है जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में न तो प्रशिक्षित अध्यापक है और न ही इनमें स्कूल चलाने के मानकों का पालन किया जा रहा है। कई स्कूल तो इस तरह के है जो मान्यता न होने के बावजूद इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। अंग्रेजी शिक्षा देने के नाम पर इन स्कूलों में बच्चों व उनके अभिभावकों का जमकर आर्थिक शोषण किया जाता है। अभिभावक भी सबकुछ जानने के बावजूद अपने बच्चे के भविष्य को देखकर चुप हो जाता है। अगर कभी कही शिकायत हुई भी तो अफसर विद्यालय के संचालकों के रसूख के आगे नतमस्तक हो जाते हैं। अमर उजाला ने अपने 14 जुलाई के अंक में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के व्यापार का खुलासा किया था। प्रदेश की सरकार ने भी बिना मान्यता के संचालित होने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और इस तरह के स्कूलों को बंद कराने का फरमान जारी किया है। शासन के रुख को देखकर बेसिक शिक्षा विभाग ने भी इन स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग अब पूरे जिले में चल रहे स्कूलों की जांच करायेगा। जांच में अगर कोई स्कूल बिना मान्यता के संचालित मिला तो उसके संचालक से एक लाख रुपये जुर्माना वसूला जायेगा। साथ ही उस विद्यालय को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जायेगा। इसके बावजूद अगर कोई विद्यालय का संचालन जारी रखता है तो उस पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा। इसके लिए बीएसए ने शनिवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर उनके क्षेत्र में चल रहे स्कूलों का ब्योरा तलब किया है।
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तहसील स्तर पर बनेगी जांच टीम
बिना मान्यता वाले स्कूलों का चिन्हांकन होने के बाद इसकी जांच तहसील स्तरीय टीम करेगी। इस टीम में शिक्षा विभाग के बीईओ व राजस्व कर्मियों समेत पुलिस कर्मी भी शामिल किए जायेंगे। बीएसए ने बताया जिलाधिकारी से अनुमोदन के बाद जल्द ही इस टीम का गठन किया जायेगा।
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बिना मान्यता के संचालित होने वाले स्कूलों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसके लिए सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है। जल्द ही तहसील स्तरीय टीम का गठन कर इनकी जांच कराई जाएगी और मान्यता न होने पर स्कूल संचालकों पर एक लाख का जुर्माना किया जाएगा।
संतोष कुमार देव पांडेय, बीएसए