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नवाबगंज में बाढ़ के पानी में डूबी किशोरी की मौत, बालक लापता

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बाढ़ के पानी में डूबी किशोरी की मौत, बालक लापता
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जानवरों के लिए चारा लाने गई थी किशोरी तो भैंस चराने गया था बालक
घाघरा, सरयू के उफान पर होने से छोटी सहायक नदियों का बढ़ा जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज (गोंडा)। पहाड़ी नालों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से करनलैगंज में घाघरा तो नवाबगंज में सरयू नदी के उफान पर होने से इनसे जुड़ी छोटी सहायक नदियां भी कहर बरपाने लगी हैं। शुक्रवार को नवाबगंज में सरयू नदी से निकली बिसुही नदी में डूबने से लापता हुए एक बालक का शव शनिवार देर शाम तक नहीं मिला। वहीं जानवरों के लिए चारा लेने गई एक किशोरी की इसी बिसुही नदी में डूबने से शनिवार को मौत हो गई।
शुक्रवार की दोपहर इस्माइलपुर गांव में रहने वाले कन्हैया यादव का 13 साल का बेटा अनिल यादव भैंस को गांव किनारे चराने गया था। तभी उसकी भैंस बिसुही नदी में चली गई, भैंस को नदी से बाहर निकालने के लिए वह भी भैंस के पीछे-पीछे उसकी पूंछ पकड़कर पानी में उतर गया। भैंस तो कुछ देर बाद पानी से बाहर निकल आई। लेकिन अनिल का कहीं कोई पता नहीं चला। शुक्रवार को दिन भर नदी के एक कोने से दूसरे कोने परिवार वाले उसकी खोजबीन मे जुटे रहे। लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला। इसी बीच खबर आई कि मंहगूपुर के भालपुरवा गांव में रहने वाले राजबली सिंह की 17 वर्षीया पुत्री वंदना की इसी बिसुही नदी में डूबने से मौत हो गई। वंदना के बाबा नरसिंह ने बताया कि उनकी नातिन शनिवार की सुबह अपने घर से जानवरों के लिए चारा लाने गई थी। तभी उसका पैर खेत से होकर बहने वाली बिसुही नदी में फिसल गया और वह नदी के गहरे पानी में चली गई। वंदना के डूबने पर आसपास के लोगों शोर मचाया। लोग जब तक उसे नदी से बाहर निकालने का प्रयास करते उसकी मौत हो चुकी थी। वंदना की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया। वंदना के पिता राजबली सिंह दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। तहसीलदार तरबगंज ने बताया कि फिलहाल तो नवाबगंज में बाढ़ अभी नहीं आई है। लेकिन जहां तक मौत बिसुही नदी में डूबने से हुई है तो इसके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से जो मदद दोनों परिवारों को मिल सकती है, उसके लिए प्रयास किया जाएगा। बता दें कि बिसुही नदी में डूबने से लापता 13 साल के बालक अनिल यादव के मामले में उसके पिता कन्हैया यादव की ओर से इसकी तहरीर लकड़मंडी पुलिस चौकी में दी गई है।
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इनसेट
20 फिट गहरे गड्ढे में डूबने से गई युवक की जान
सड़क पटाई के लिए खोदा गड्ढा ठेकेदार ने अधूरा छोड़ा
खरगूपुर (गोंडा)। खरगूपुर में सड़क पटाई के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से शनिवार को एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। बताया जाता है कि नरायनपुर माफी से बलदानपुरवा गांव को जाने वाली सड़क की हाल में मिट्टी पटाई हुई है। जिस ठेकेदार ने सड़क पटाई का काम कराया था। उसने विधानसभा चुनाव के पहले सड़क की मिट्टी से पटाई तो की। लेकिन उसके लिए जगह-जगह खोदे गए गड्ढों को भरना मुनासिब नहीं समझा। जिससे बरसात में यह गड्ढे पानी से लबालब भर गए हैं। शनिवार को नरायनपुर माफी गांव में रहने वाले राजकिशोर तिवारी (22) सड़क किनारे पड़ने वाले अपने खेत में धान की रोपाई के लिए गए थे। तभी उनका उनका पैर गड्ढे में पड़ गया, चप्पल फिसलने से वह सीधे 20 फिट गहरे गड्ढे में चले गए और डूबने लगे। आसपास खेत में काम कर रहे लोगों ने जब यह देखा तो वह उन्हें बचाने के लिए दौड़े और उन्हें उस गड्ढे से बाहर निकाला। उपचार के लिए पहले राजकिशोर को खरगूपुर सीएचली लाया गया। जहां से उन्हें परिवार वाले जिला अस्पताल ले ही जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। मृतक राजकिशोर के पिता कंधईलाल ने बताया कि राजकिशोर की शादी इसी साल 25 मई को हुई थी। वहीं दूसरी ओर गांव वाले उस ठेकेदार का नाम-पता नहीं बता पा रहे, जिसने सड़क की पटाई कराई।
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