फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोषाहार न मिलने से ठप हुआ आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन

विज्ञापन
विज्ञापन
पोषाहार न मिलने से ठप हुआ आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन
विज्ञापन

विशेष वितरण दिवस पर भी नहीं मिला बच्चों व गर्भवती महिलाओं को पोषाहार
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। पोषाहार आवंटन न होने से आंगनबाड़ी केंद्राें का संचालन ठप हो गया है। बुधवार को विशेष वितरण दिवस होने के बावजूद इन केंद्रों पर पोषाहार का वितरण नहीं हो सका। ऐसे में केंद्रो पर पहुंचे नौनिहालों व गर्भवती महिलाओं को बगैर पोषाहार के वापस लौैटना पड़ा।

जिले के 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूर्व प्राथमिक शिक्षा के लिए करीब 2.50 लाख बच्चों का पंजीकरण हैं। शिक्षा के साथ साथ इन केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाता है। केंद्र पर आने वाले कुपोषण के शिकार बच्चों व गर्भवती धात्री महिलाओं को माह में तीन दिन 5,15 व 25 तारीख को पोषाहार भी वितरित किए जाने का निर्देश है लेकिन आला अफसरों की लापरवाही से इन योजनाओं के संचालन पर ग्रहण लग गया है। मई माह से ही जिले को पोषाहार का आवंटन नही किया गया है। स्थिति यह है कि किसी भी केंद्र पर पोषाहार का वितरण नही किया जा रहा है। माह की 5 तारीख होने के कारण बुधवार को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण किया जाना था। इसके लिए इन केंद्रों पर बच्चों के अलावा गर्भवती महिलाएं भी पहुंची थीं, लेकिन न तो किसी केंद्र पर हाट कुक्ड बना और न ही पोषाहार का वितरण किया गया। ऐसे में केंद्रों पर पहुंचे बच्चों व गर्भवती धात्री महिलाओं को बगैर पोषाहार के वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन

इनसेट
हाट कुक्ड योजना भी ठप
गोंडा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले नौनिहालों को पोषाहार के अलावा पौष्टिक आहार के रूप में पका पकाया भोजन दिए जाने के लिए हाट कुक्ड योजना संचालित है लेकिन इस योजना के तहत भी जिले को मई से ही बजट का आवंटन नहीं किया गया है। बजट के अभाव में यह योजना भी ठप है और भोजन न मिलने से इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत करीब 2.50 लाख नौनिहालों को रोजाना भूखे पेट वापस लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन

इनसेट
मई माह से ही न तो हाटकुक्ड योजना का पैसा आया है और न ही पंजीरी की सप्लाई मिली है। ऐसे में बुधवार को विशेष वितरण दिवस पर पोषाहार का वितरण नही हो सका है। बजट आवंटन के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है।
धर्मेंद्र कुमार गौतम, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें