संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने नाबालिग बालिका के अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी को 20 साल का कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग बालिका ने पुलिस उपमहानिरीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया कि 10 फरवरी 2018 को हरिनंदन गुप्ता उर्फ नंदन ने उसे यह कहकर अपने घर बुलाया कि उसकी मां व बहन उससे मिलना चाहती है। लेकिन 11 बजे जब वह उसके घर गई तो वहां कोई नहीं था। हरिनंदन ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और कहा कि सात सितंबर 2019 को जब वह बालिग हो जाएगी तो वह शादी कर लेगा। उसके मां-बाप ने भी शादी करने की बात कही। लेकिन बाद में उन्होंने यह कहकर इंकार कर दिया कि लड़का शादी के लिए नहीं तैयार है।
आठ अगस्त 2019 को कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया तो पुलिस ने समझौता करा दिया। लेकिन अब वह शादी से इंकार करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है। डीआईजी के आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान व अभिलेखीय साक्ष्यों से संदेह से परे साक्ष्य साबित होने पर न्यायालय ने अभियुक्त हरिनंदन गुप्ता को दोषी करार दिया। शुक्रवार को निर्णय सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने दोषी अभियुक्त हरिनंदन गुप्ता को अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के अपराध में 20 साल कठोर कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।