तुलसीपुर में मंगलवार को जिला स्तरीय तहसील दिवस से बिना सूचना के नदारद दो अफसरों से जवाब तलब किया गया है। डीएम सहित कई जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूद के बावजूद तहसील दिवस में आए 62 मामलों में दो का ही मौके पर निस्तारण हो पाया।
तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहीं डीएम प्रीति शुक्ला ने कहा कि सभी अफसर प्रार्थना पत्रों का निस्तारण पेंडिंग न रखें। मुख्यमंत्री कार्यालय से मामलों के निस्तारण की क्रास चेकिंग कराई जा रही है।
पीड़ितों के मोबाइल पर फोन करके मुख्यमंत्री कार्यालय से मामलों के निस्तारण की जानकारी की जा रही है। अफसर शिकायतों का निस्तारण लंबित नहीं रखें।
फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट मिलने पर संबंधित अफसर को बख्शा नहीं जाएगा। पिछले तहसील दिवस के लंबित मामलों का तीन दिन के अंदर निस्तारण कराकर रिपोर्ट न देने वाले अफसरों को डीएम ने चेतावनी दी।
तहसील दिवस के दौरान मंगलवार को राजस्व के 22, पुलिस के 7, विकास के 5, विद्युत के 2, समाज कल्याण के 8 समेत 62 मामले निस्तारण के लिए डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इनमें सिर्फ दो मामलों का मौके पर हो पाया।
लघु सिंचाई विभाग के एक्सईएन अर्जुन प्रसाद व डीसीओ वाईपी सिंह बिना सूचना के तहसील दिवस से नदारद थे। उनसे जवाब तलब किया गया है।
समाज कल्याण, बेसिक शिक्षा, बीडीओ गैसड़ी व नगर पंचायत तुलसीपुर के मामले लंबित रहने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विभागीय अफसरों को तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया।
इस दौरान एसपी सुधीर कुमार सिंह, एसीएमओ डॉ. जयंत कुमार, डीएफओ अंकेश श्रीवास्तव सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।