गोंडा। मुजेहना ब्लॉक की 13 ग्राम पंचायतों में मजदूरों से बिना काम कराए ही हाजिरी भर दी गई। करीब 1500 मजदूरों के नाम से 2.50 करोड़ से अधिक के बजट को डकार लिया है। ऑनलाइन मानीटरिंग से मामला पकड़ में आया तो 13 पंचायतों से फोटो समेत कार्य का ब्योरा मांगा गया है। पंचायतें रिकॉर्ड देने में आनाकानी कर रही हैं।
पंचायतों में चल रहे मजदूरों के हाजिरी के खेल का खुलासा तो हो गया है लेकिन भुगतान के स्थिति की रिपोर्ट तैयार हो रही है। हर दिन 1500 से अधिक मजदूरों की हाजिरी बिना काम कराए ही भरा जा रहा है।
मुजेहना ब्लॉक में मनरेगा के बजट में गोलमाल का मामला पहले भी सामने आ चुका है। श्रम व सामग्री के खर्च में हेराफेरी करके 8 करोड़ 62 लाख 63 हजार रुपये का अधिक भुगतान सामग्री पर ले लिया गया था। मनरेगा के मानक के अनुसार श्रम पर 60 फीसदी और सामग्री पर 40 फीसदी ही खर्च हो सकता है।
मुजेहना ऐसा नहीं हुआ, सामग्री पर श्रम से 8 करोड़ 62 लाख 63 हजार रुपये अधिक खर्च कर दिया गया। इसका खुलासा होने पर अब मजदूरी में हेराफेरी का खेल शुरू हो गया है। 13 पंचायतें ऐसी सामने आईं हैं जहां बीते 10 दिनों से भी अधिक समय से 1500 से अधिक मजदूरों को कार्यस्थल पर दिखाया जा रहा है।
हाजिरी भर कर भुगतान लिए जाने का खेल हो रहा है। एक मजदूर पर प्रतिदिन 183 रुपये की दर से भुगतान लिया जा रहा है। 10 दिनों की ही बात करें तो करीब 2.50 करोड़ से अधिक की मजदूरी डकारने की कार्रवाई की जा चुकी है।
ब्लॉक के एक ग्राम पंचायत रेतवागाड़ा में 334 मजदूरों की हाजिरी तालाब के जीर्णोद्वार के नाम पर भरी जा रही थी। जबकि तालाब में लबालब पानी भरा था। अब ऐसी ही स्थिति 13 पंचायतों में हैं जहां हाजिरी भरने में फर्जीवाड़ा हो रहा है। फिलहाल मनरेगा सेल में पंचायतों की छानबीन शुरू कर दी है।
उपायुक्त मनरेगा हरिश्चंद्र प्रजापति का कहना है कि पंचायतों में मजदूरों की हाजिरी में गड़बड़ी की शिकायतों पर नोटिस दिया गया है। रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों से रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की जांच शुरू की गई है। पूरी स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।