स्टाक पूरा करने को खरीदा सात सौ क्विंटल गेहूं
गोंडा। साधन सहकारी समिति माधवगंज के गोदाम पर गेहूं खरीद के नाम पर माफिया के अनाज को खाने का खेल काफी दिनों से चल रहा था। शनिवार को भी अनाज माफिया से करीब सात सौ क्विंटल गेंहू खरीदा गया था और रात में इसे गोदाम पर लाकर बोरियां बदलने का खेल होने वाला था।
मगर इस खेल से पहले ही इसकी भनक डीएम को लग गई और उन्होने गोदाम पर छापा मार दिया। डीएम के पहुंचने ही सचिव समेत इस खेल में शामिल लोग भाग निकले और उनके प्लान पर पानी फिर गया।
खाद्यान्न के मामले को लेकर शासन स्तर पर जिले की काफी किरकिरी हो चुकी है और खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने में विफल रहने पर जिलाधिकारी जेबी सिंह समेत तीन तीन अफसर निलंबित हो चुके हैं।
बावजूद इसके जिले में राशन माफिया बेलगाम हैं। इन माफियाओं ने कालाबाजारी का नया रास्ता ईजाद किया है। इस नए रास्ते में गेहू खरीद केंद्र को नया ठिकाना बनाया गया है। साधन सहकारी समिति माधवगंज इस मामले में नंबर एक पर चल रही थी।
यहां तैनात सचिव दिवाकर तिवारी की मिलीभगत से खाद्यान्न माफिया से कालाबाजारी का गेंहू खरीद कर उसे क्रय केंद्र पर खपाया जा रहा था। शनिवार को भी सचिव ने करीब सात सौ क्विंटल गेंहू का खरीद की थी और उसे रात में गोदाम पर लाकर उसे सहकारी समिति की बोरियों मे भरा जाना था।
इसकी पूरी तैयारी हो चुकी थी। मगर इसके पहले यह खेल अपने अंजाम तक पहुंच पाता जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव को इसकी भनक लग गई और देर रात उन्होंने साधन सहकारी समिति के गोदाम पर छापा मार दिया।
डीएम के पहुंचते ही खाद्यान्न माफिया मौके से भाग निकले। करीब एक घंटे की छानबीन के बाद डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने गोदाम को सीज कर दिया।
इस तरह से चल रहा था कालाबाजारी का खेल
इस खेल के मुताबिक सचिव ने किसानों का गेहूं खरीदे बगैर गेहूं खरीद के लक्ष्य को कागजों में पूरा दिखा दिया था और विभाग से धनराशि का आवंटन करा लिया।
इसी धनराशि से गरीबों के लिए आने वाले गेहूं को कालाबाजारी करने वाले माफियाओं से खरीदा जा रहा था और उसी से गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा किया जा रहा था। इस पूरे खेल में खाद्यान्न माफियाओं की समिति के अध्यक्ष व सचिव से मिलीभगत सामने आई है।
शराब का अड्डा बना था गोदाम
साधन सहकारी समिति माधवगंज का गोदाम राशन माफियाओं के साथ समिति के अध्यक्ष व सचिव के गठजोड़ के कारण शराब के अड्डे में तब्दील हो गया था।
यही कारण था कि दिन में अक्सर सुनसान रहने वाला यह गोदाम रात में गुलजार हो जाता था। रात में ही खाद्यान्न गोदाम तक पहुंचता था और उसकी बोरियां बदलकर उस पर साधन सहकारी समिति की मोहर लगा दी जाती थी।
गेहूं खरीद का केंद्र होने के कारण कोई इस पर शक भी नहीं करता था। इस बीच गोदाम पर शरब का दौर भी चलता था। शनिवार को डीएम की छापेमारी में सचिव के कमरे के पीछे शराब की सैकड़ों खाली बोतलें बरामद की गई।
छापेमारी के बाद सचिव लापता
जिलाधिकारी की छापेमारी के दो दिन बीत जाने के बावजूद समिति के सचिव दिवाकर तिवारी सामने नहीं आए हैं। सचिव स्टाक रजिस्टर के साथ लापता हो गए हैं। जिससे इस छापेमारी की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।
उपजिलाधिकारी सदर नन्हेलाल का कहना है कि सचिव को रजिस्टर समेत तलब किया गया था मगर अब तक वह सामने नहीं आए हैं।अगर मंगलवार तक वह रजिस्टर के साथ उपस्थनहीं होते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।